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Kundli GPT

शुक्रवार, 4 अगस्त 2023

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शुक्रवार है। तृतीया तिथि 12:45 बजे तक, फिर चतुर्थी 09:40 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 07:08 बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 04:45 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शोभन 06:14 बजे तक, फिर अतिगण्ड योग 02:30 (कल) बजे तक। विष्टि करण 12:45 बजे तक, उसके बाद बव 23:09 बजे तक, फिर बालव 09:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:46 से 12:27) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक श्रावण

18 जुलाई से 16 अगस्त, 2023 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 16:17 उसी दिन 12:45

    • कृष्ण चतुर्थी

      उसी दिन 12:45 अगले दिन 09:40

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • श्रावण · भाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा

      पिछले दिन 09:56 उसी दिन 07:08

    • पूर्व भाद्रपदा

      उसी दिन 07:08 अगले दिन 04:45

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • शोभन

      पिछले दिन 10:18 उसी दिन 06:14

    • अतिगण्ड

      उसी दिन 06:14 अगले दिन 02:30

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      उसी दिन 02:28 उसी दिन 12:45

    • बव

      उसी दिन 12:45 उसी दिन 23:09

    • बालव

      उसी दिन 23:09 अगले दिन 09:40

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

कृष्ण तृतीया · शुक्र

00 06 12 18 चल · 05:44 – 07:24 लाभ · 07:24 – 09:05 अमृत · 09:05 – 10:46 काल · 10:46 – 12:27 शुभ · 12:27 – 14:07 रोग · 14:07 – 15:48 उद्वेग · 15:48 – 17:29 चल · 17:29 – 19:10 रोग · 19:10 – 20:29 काल · 20:29 – 21:48 लाभ · 21:48 – 23:08 उद्वेग · 23:08 – 00:27 शुभ · 00:27 – 01:46 अमृत · 01:46 – 03:06 चल · 03:06 – 04:25 रोग · 04:25 – 05:44 अमृत · 05:44 – 07:24 उद्योग · 07:24 – 09:05 चल · 09:05 – 10:46 काल · 10:46 – 12:27 शून्य · 12:27 – 14:07 लाभ · 14:07 – 15:48 शुभ · 15:48 – 17:29 रोग · 17:29 – 19:10 शुभ · 19:10 – 20:29 शून्य · 20:29 – 21:48 लाभ · 21:48 – 23:08 चल · 23:08 – 00:27 रोग · 00:27 – 01:46 काल · 01:46 – 03:06 अमृत · 03:06 – 04:25 उद्योग · 04:25 – 05:44 ब्रह्म मुहूर्त · 04:19 – 05:01 अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54 अमृत काल · 00:47 – 02:12 राहु काल · 10:46 – 12:27 यमगण्ड काल · 15:48 – 17:29 गुलिक काल · 07:24 – 09:05 वर्ज्यम् · 16:18 – 17:43

4 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 41 मि
05:44
07:24
09:05
10:46
12:27
14:07
15:48
17:29

रात के समय

8 · 1 घं 19 मि
19:10
20:29
21:48
23:08
00:27
01:46
03:06
04:25

दिन के समय

8 · 1 घं 41 मि
05:44
07:24
09:05
10:46
12:27
14:07
15:48
17:29

रात के समय

8 · 1 घं 19 मि
19:10
20:29
21:48
23:08
00:27
01:46
03:06
04:25
04:19 05:01
12:00 12:54
00:47 02:12
10:46 12:27
15:48 17:29
07:24 09:05
16:18 17:43

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 अगस्त 2023 की तिथि क्या है?
4 अगस्त 2023 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
4 अगस्त 2023 का नक्षत्र क्या है?
4 अगस्त 2023 का नक्षत्र शतभिषा और योग शोभन है।
4 अगस्त 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:44 पर तथा सूर्यास्त 19:10 पर होगा।
4 अगस्त 2023 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:46–12:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।