जन्माष्टमी
गुरुवार, 3 सितंबर 2026
भगवान श्रीकृष्ण के अर्धरात्रि जन्म का उत्सव। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं, झूले सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और मध्यरात्रि की आरती के बाद व्रत खोलते हैं।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण सप्तमी
उसी दिन 04:26 अगले दिन 02:25
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
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गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
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भाद्रपद · आश्विन
नक्षत्र · योग · करण
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कृत्तिका · पाद 1
उसी दिन 01:43 अगले दिन 00:30
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
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व्याघात
पिछले दिन 21:13 उसी दिन 18:34
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हर्षण
उसी दिन 18:34 अगले दिन 15:45
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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विष्टि
उसी दिन 04:26 उसी दिन 15:27
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बव
उसी दिन 15:27 अगले दिन 02:25
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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गुरुवार, 3 सितंबर 2026