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जन्माष्टमी

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

भगवान श्रीकृष्ण के अर्धरात्रि जन्म का उत्सव। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं, झूले सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और मध्यरात्रि की आरती के बाद व्रत खोलते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      उसी दिन02:25अगले दिन00:13

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी

      उसी दिन00:28उसी दिन23:03

    • मृगशिरा

      उसी दिन23:03अगले दिन21:30

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • हर्षण

      पिछले दिन18:31उसी दिन15:42

    • वज्र

      उसी दिन15:42अगले दिन12:45

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      उसी दिन02:25उसी दिन13:21

    • कौलव

      उसी दिन13:21अगले दिन00:13

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

पूर्ण पंचांग देखें

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026