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Kundli GPT

रविवार, 19 अप्रैल 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज रविवार है। द्वितीया तिथि 10:49 बजे तक, फिर तृतीया 07:27 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 07:09 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 04:34 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग आयुष्मान् 20:00 बजे तक, फिर सौभाग्य योग 16:10 (कल) बजे तक। कौलव करण 10:49 बजे तक, उसके बाद तैतिल 21:08 बजे तक, फिर गर 07:27 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:11 से 18:49) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 14:11 उसी दिन 10:49

    • शुक्ल तृतीया

      उसी दिन 10:49 अगले दिन 07:27

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • वैशाख · ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन 09:42 उसी दिन 07:09

    • कृत्तिका

      उसी दिन 07:09 अगले दिन 04:34

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • आयुष्मान्

      पिछले दिन 23:55 उसी दिन 20:00

    • सौभाग्य

      उसी दिन 20:00 अगले दिन 16:10

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      उसी दिन 00:31 उसी दिन 10:49

    • तैतिल

      उसी दिन 10:49 उसी दिन 21:08

    • गर

      उसी दिन 21:08 अगले दिन 07:27

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 05:51 – 07:29 चल · 07:29 – 09:06 लाभ · 09:06 – 10:43 अमृत · 10:43 – 12:20 काल · 12:20 – 13:57 शुभ · 13:57 – 15:34 रोग · 15:34 – 17:11 उद्वेग · 17:11 – 18:49 शुभ · 18:49 – 20:11 अमृत · 20:11 – 21:34 चल · 21:34 – 22:57 रोग · 22:57 – 00:20 काल · 00:20 – 01:42 लाभ · 01:42 – 03:05 उद्वेग · 03:05 – 04:28 शुभ · 04:28 – 05:50 उद्योग · 05:51 – 07:29 अमृत · 07:29 – 09:06 काल · 09:06 – 10:43 शुभ · 10:43 – 12:20 रोग · 12:20 – 13:57 शून्य · 13:57 – 15:34 लाभ · 15:34 – 17:11 चल · 17:11 – 18:49 शून्य · 18:49 – 20:11 लाभ · 20:11 – 21:34 चल · 21:34 – 22:57 रोग · 22:57 – 00:20 काल · 00:20 – 01:42 शुभ · 01:42 – 03:05 अमृत · 03:05 – 04:28 उद्योग · 04:28 – 05:50 ब्रह्म मुहूर्त · 04:23 – 05:07 अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:46 अमृत काल · 02:52 – 04:17 राहु काल · 17:11 – 18:49 यमगण्ड काल · 12:20 – 13:57 गुलिक काल · 15:34 – 17:11 वर्ज्यम् · 18:17 – 19:42 सूर्य · 05:51 – 06:56 शुक्र · 06:56 – 08:01 बुध · 08:01 – 09:06 चंद्र · 09:06 – 10:10 शनि · 10:10 – 11:15 गुरु · 11:15 – 12:20 मंगल · 12:20 – 13:25 सूर्य · 13:25 – 14:30 शुक्र · 14:30 – 15:34 बुध · 15:34 – 16:39 चंद्र · 16:39 – 17:44 शनि · 17:44 – 18:49 गुरु · 18:49 – 19:44 मंगल · 19:44 – 20:39 सूर्य · 20:39 – 21:34 शुक्र · 21:34 – 22:29 बुध · 22:29 – 23:24 चंद्र · 23:24 – 00:20 शनि · 00:20 – 01:15 गुरु · 01:15 – 02:10 मंगल · 02:10 – 03:05 सूर्य · 03:05 – 04:00 शुक्र · 04:00 – 04:55 बुध · 04:55 – 05:50

19 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 37 मि
05:51
07:29
09:06
10:43
12:20
13:57
15:34
17:11

रात के समय

8 · 1 घं 23 मि
18:49
20:11
21:34
22:57
00:20
01:42
03:05
04:28

दिन के समय

8 · 1 घं 37 मि
05:51
07:29
09:06
10:43
12:20
13:57
15:34
17:11

रात के समय

8 · 1 घं 23 मि
18:49
20:11
21:34
22:57
00:20
01:42
03:05
04:28
04:23 05:07
11:54 12:46
02:52 04:17
17:11 18:49
12:20 13:57
15:34 17:11
18:17 19:42

दिन के घंटे

12 · 1 घं 5 मि
05:51
06:56
08:01
09:06
10:10
11:15
12:20
13:25
14:30
15:34
16:39
17:44

रात के घंटे

12 · 55 मि
18:49
19:44
20:39
21:34
22:29
23:24
00:20
01:15
02:10
03:05
04:00
04:55

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
19 अप्रैल 2026 की तिथि शुक्ल द्वितीया है।
19 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
19 अप्रैल 2026 का नक्षत्र भरणी और योग आयुष्मान् है।
19 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:51 पर तथा सूर्यास्त 18:49 पर होगा।
19 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 17:11–18:49 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।