सोमवार, 28 अप्रैल 2025
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। प्रतिपदा तिथि 21:11 बजे तक, फिर द्वितीया 17:31 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 21:37 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 18:46 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग आयुष्मान् 20:01 बजे तक, फिर सौभाग्य योग 15:52 (कल) बजे तक। किंस्तुघ्न करण 11:05 बजे तक, उसके बाद बव 21:11 बजे तक, फिर बालव 07:19 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:22 से 09:00) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल प्रतिपदा
उसी दिन01:01उसी दिन21:11
शुक्ल द्वितीया
उसी दिन21:11अगले दिन17:31
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
भरणी
उसी दिन00:38उसी दिन21:37
कृत्तिका
उसी दिन21:37अगले दिन18:46
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
आयुष्मान्
उसी दिन00:18उसी दिन20:01
सौभाग्य
उसी दिन20:01अगले दिन15:52
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
किंस्तुघ्न
उसी दिन01:01उसी दिन11:05
बव
उसी दिन11:05उसी दिन21:11
बालव
उसी दिन21:11अगले दिन07:19
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · सोम
28 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:4307:22 | ||
| 07:2209:00 | ||
| 09:0010:39 | ||
| 10:3912:18 | ||
| 12:1813:57 | ||
| 13:5715:36 | ||
| 15:3617:15 | ||
| 17:1518:54 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 18:5420:15 | ||
| 20:1521:36 | ||
| 21:3622:57 | ||
| 22:5700:18 | ||
| 00:1801:39 | ||
| 01:3903:00 | ||
| 03:0004:21 | ||
| 04:2105:42 |
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:4307:22 | ||
| 07:2209:00 | ||
| 09:0010:39 | ||
| 10:3912:18 | ||
| 12:1813:57 | ||
| 13:5715:36 | ||
| 15:3617:15 | ||
| 17:1518:54 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 18:5420:15 | ||
| 20:1521:36 | ||
| 21:3622:57 | ||
| 22:5700:18 | ||
| 00:1801:39 | ||
| 01:3903:00 | ||
| 03:0004:21 | ||
| 04:2105:42 |
| 04:16→04:59 | ||
| 11:52→12:45 | ||
| 17:25→18:49 | ||
| 07:22→09:00 | ||
| 10:39→12:18 | ||
| 13:57→15:36 | ||
| 09:01→10:25 |
दिन के घंटे
12·1 घं 6 मि| 05:4306:49 | ||
| 06:4907:54 | ||
| 07:5409:00 | ||
| 09:0010:06 | ||
| 10:0611:12 | ||
| 11:1212:18 | ||
| 12:1813:24 | ||
| 13:2414:30 | ||
| 14:3015:36 | ||
| 15:3616:42 | ||
| 16:4217:48 | ||
| 17:4818:54 |
रात के घंटे
12·54 मि| 18:5419:48 | ||
| 19:4820:42 | ||
| 20:4221:36 | ||
| 21:3622:30 | ||
| 22:3023:24 | ||
| 23:2400:18 | ||
| 00:1801:12 | ||
| 01:1202:06 | ||
| 02:0603:00 | ||
| 03:0003:54 | ||
| 03:5404:48 | ||
| 04:4805:42 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 28 अप्रैल 2025 की तिथि क्या है?
- 28 अप्रैल 2025 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 28 अप्रैल 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 28 अप्रैल 2025 का नक्षत्र भरणी और योग आयुष्मान् है।
- 28 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:43 पर तथा सूर्यास्त 18:54 पर होगा।
- 28 अप्रैल 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:22–09:00 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

