शुक्रवार, 1 अगस्त 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। अष्टमी तिथि कल सुबह तक है, फिर नवमी शुरू होगी। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा स्वाति नक्षत्र में कल तड़के तक है, फिर विशाखा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:00 से 12:54 बजे तक, और राहु काल में न करें, 10:46 से 12:27 बजे तक। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल अष्टमी
उसी दिन 04:58 अगले दिन 07:23 तक
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
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शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
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स्वाति · पाद 1
उसी दिन 00:41 अगले दिन 03:39 तक
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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शुभ
उसी दिन 04:30 अगले दिन 05:29 तक
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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विष्टि
उसी दिन 04:58 उसी दिन 18:11 तक
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फिर
बव
उसी दिन 18:11 अगले दिन 07:23
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल अष्टमी · शुक्र
1 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:4207:23 | ||
| 07:2309:05 | ||
| 09:0510:46 | ||
| 10:4612:27 | ||
| 12:2714:08 | ||
| 14:0815:49 | ||
| 15:4917:30 | ||
| 17:3019:12 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:1220:30 | ||
| 20:3021:49 | ||
| 21:4923:08 | ||
| 23:0800:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:05 | ||
| 03:0504:24 | ||
| 04:2405:43 |
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:4207:23 | ||
| 07:2309:05 | ||
| 09:0510:46 | ||
| 10:4612:27 | ||
| 12:2714:08 | ||
| 14:0815:49 | ||
| 15:4917:30 | ||
| 17:3019:12 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:1220:30 | ||
| 20:3021:49 | ||
| 21:4923:08 | ||
| 23:0800:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:05 | ||
| 03:0504:24 | ||
| 04:2405:43 |
| 04:18→05:00 | ||
| 12:00→12:54 | ||
| 17:46→19:34 | ||
| 10:46→12:27 | ||
| 15:49→17:30 | ||
| 07:23→09:05 | ||
| 06:58→08:46 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:4206:50 | ||
| 06:5007:57 | ||
| 07:5709:05 | ||
| 09:0510:12 | ||
| 10:1211:19 | ||
| 11:1912:27 | ||
| 12:2713:34 | ||
| 13:3414:42 | ||
| 14:4215:49 | ||
| 15:4916:57 | ||
| 16:5718:04 | ||
| 18:0419:12 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:1220:04 | ||
| 20:0420:57 | ||
| 20:5721:49 | ||
| 21:4922:42 | ||
| 22:4223:35 | ||
| 23:3500:27 | ||
| 00:2701:20 | ||
| 01:2002:12 | ||
| 02:1203:05 | ||
| 03:0503:58 | ||
| 03:5804:50 | ||
| 04:5005:43 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
- 1 अगस्त 2025 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
- 1 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 1 अगस्त 2025 का नक्षत्र स्वाति और योग शुभ है।
- 1 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:42 पर तथा सूर्यास्त 19:12 पर होगा।
- 1 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 10:46–12:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



