मंगलवार, 12 अगस्त 2025
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। तृतीया तिथि 08:41 बजे तक, फिर चतुर्थी 06:36 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 11:51 बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 10:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 18:52 बजे तक, फिर धृति योग 16:04 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:41 बजे तक, उसके बाद बव 19:40 बजे तक, फिर बालव 06:36 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:44 से 17:23) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण तृतीया
पिछले दिन10:34उसी दिन08:41
कृष्ण चतुर्थी
उसी दिन08:41अगले दिन06:36
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व भाद्रपदा
पिछले दिन12:59उसी दिन11:51
उत्तर भाद्रपदा
उसी दिन11:51अगले दिन10:32
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
सुकर्मा
पिछले दिन21:32उसी दिन18:52
धृति
उसी दिन18:52अगले दिन16:04
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
पिछले दिन21:39उसी दिन08:41
बव
उसी दिन08:41उसी दिन19:40
बालव
उसी दिन19:40अगले दिन06:36
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण तृतीया · मंगल
12 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:4807:28 | ||
| 07:2809:07 | ||
| 09:0710:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:05 | ||
| 14:0515:44 | ||
| 15:4417:23 | ||
| 17:2319:03 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 19:0320:23 | ||
| 20:2321:44 | ||
| 21:4423:05 | ||
| 23:0500:26 | ||
| 00:2601:47 | ||
| 01:4703:07 | ||
| 03:0704:28 | ||
| 04:2805:49 |
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:4807:28 | ||
| 07:2809:07 | ||
| 09:0710:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:05 | ||
| 14:0515:44 | ||
| 15:4417:23 | ||
| 17:2319:03 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 19:0320:23 | ||
| 20:2321:44 | ||
| 21:4423:05 | ||
| 23:0500:26 | ||
| 00:2601:47 | ||
| 01:4703:07 | ||
| 03:0704:28 | ||
| 04:2805:49 |
| 04:22→05:05 | ||
| 11:59→12:52 | ||
| 04:14→05:45 | ||
| 15:44→17:23 | ||
| 09:07→10:46 | ||
| 12:26→14:05 | ||
| 19:05→20:37 |
दिन के घंटे
12·1 घं 6 मि| 05:4806:55 | ||
| 06:5508:01 | ||
| 08:0109:07 | ||
| 09:0710:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:26 | ||
| 12:2613:32 | ||
| 13:3214:38 | ||
| 14:3815:44 | ||
| 15:4416:50 | ||
| 16:5017:57 | ||
| 17:5719:03 |
रात के घंटे
12·54 मि| 19:0319:57 | ||
| 19:5720:50 | ||
| 20:5021:44 | ||
| 21:4422:38 | ||
| 22:3823:32 | ||
| 23:3200:26 | ||
| 00:2601:20 | ||
| 01:2002:13 | ||
| 02:1303:07 | ||
| 03:0704:01 | ||
| 04:0104:55 | ||
| 04:5505:49 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 12 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
- 12 अगस्त 2025 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
- 12 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 12 अगस्त 2025 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग सुकर्मा है।
- 12 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:48 पर तथा सूर्यास्त 19:03 पर होगा।
- 12 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:44–17:23 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

