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Kundli GPT

गुरुवार, 13 अगस्त 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है। प्रतिपदा तिथि 20:41 बजे तक, फिर द्वितीया 18:47 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 06:06 बजे तक, उसके बाद मघा 04:37 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वरीयान् 12:14 बजे तक, फिर परिघ योग 09:27 (कल) बजे तक। किंस्तुघ्न करण 09:50 बजे तक, उसके बाद बव 20:41 बजे तक, फिर बालव 07:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:05 से 15:44) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल प्रतिपदा

      पिछले दिन 23:06 उसी दिन 20:41

    • शुक्ल द्वितीया

      उसी दिन 20:41 अगले दिन 18:47

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • श्रावण · भाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 07:59 उसी दिन 06:06

    • मघा

      उसी दिन 06:06 अगले दिन 04:37

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • वरीयान्

      पिछले दिन 15:24 उसी दिन 12:14

    • परिघ

      उसी दिन 12:14 अगले दिन 09:27

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • किंस्तुघ्न

      पिछले दिन 23:06 उसी दिन 09:50

    • बव

      उसी दिन 09:50 उसी दिन 20:41

    • बालव

      उसी दिन 20:41 अगले दिन 07:40

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल प्रतिपदा · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 05:49 – 07:28 रोग · 07:28 – 09:07 उद्वेग · 09:07 – 10:46 चल · 10:46 – 12:25 लाभ · 12:25 – 14:05 अमृत · 14:05 – 15:44 काल · 15:44 – 17:23 शुभ · 17:23 – 19:02 अमृत · 19:02 – 20:23 चल · 20:23 – 21:44 रोग · 21:44 – 23:05 काल · 23:05 – 00:26 लाभ · 00:26 – 01:47 उद्वेग · 01:47 – 03:07 शुभ · 03:07 – 04:28 अमृत · 04:28 – 05:49 शुभ · 05:49 – 07:28 रोग · 07:28 – 09:07 शून्य · 09:07 – 10:46 लाभ · 10:46 – 12:25 काल · 12:25 – 14:05 चल · 14:05 – 15:44 उद्योग · 15:44 – 17:23 अमृत · 17:23 – 19:02 लाभ · 19:02 – 20:23 चल · 20:23 – 21:44 शुभ · 21:44 – 23:05 उद्योग · 23:05 – 00:26 अमृत · 00:26 – 01:47 शून्य · 01:47 – 03:07 रोग · 03:07 – 04:28 काल · 04:28 – 05:49 ब्रह्म मुहूर्त · 04:23 – 05:06 अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:52 अमृत काल · 04:37 – 06:06 राहु काल · 14:05 – 15:44 यमगण्ड काल · 05:49 – 07:28 गुलिक काल · 09:07 – 10:46 वर्ज्यम् · 19:46 – 21:15 गुरु · 05:49 – 06:55 मंगल · 06:55 – 08:01 सूर्य · 08:01 – 09:07 शुक्र · 09:07 – 10:13 बुध · 10:13 – 11:19 चंद्र · 11:19 – 12:25 शनि · 12:25 – 13:31 गुरु · 13:31 – 14:38 मंगल · 14:38 – 15:44 सूर्य · 15:44 – 16:50 शुक्र · 16:50 – 17:56 बुध · 17:56 – 19:02 चंद्र · 19:02 – 19:56 शनि · 19:56 – 20:50 गुरु · 20:50 – 21:44 मंगल · 21:44 – 22:38 सूर्य · 22:38 – 23:32 शुक्र · 23:32 – 00:26 बुध · 00:26 – 01:20 चंद्र · 01:20 – 02:14 शनि · 02:14 – 03:07 गुरु · 03:07 – 04:01 मंगल · 04:01 – 04:55 सूर्य · 04:55 – 05:49

13 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 39 मि
05:49
07:28
09:07
10:46
12:25
14:05
15:44
17:23

रात के समय

8 · 1 घं 21 मि
19:02
20:23
21:44
23:05
00:26
01:47
03:07
04:28

दिन के समय

8 · 1 घं 39 मि
05:49
07:28
09:07
10:46
12:25
14:05
15:44
17:23

रात के समय

8 · 1 घं 21 मि
19:02
20:23
21:44
23:05
00:26
01:47
03:07
04:28
04:23 05:06
11:59 12:52
04:37 06:06
14:05 15:44
05:49 07:28
09:07 10:46
19:46 21:15

दिन के घंटे

12 · 1 घं 6 मि
05:49
06:55
08:01
09:07
10:13
11:19
12:25
13:31
14:38
15:44
16:50
17:56

रात के घंटे

12 · 54 मि
19:02
19:56
20:50
21:44
22:38
23:32
00:26
01:20
02:14
03:07
04:01
04:55

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
13 अगस्त 2026 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
13 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
13 अगस्त 2026 का नक्षत्र आश्लेषा और योग वरीयान् है।
13 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:49 पर तथा सूर्यास्त 19:02 पर होगा।
13 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 14:05–15:44 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।