गुरुवार, 20 अगस्त 2026
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। अष्टमी तिथि 21:18 बजे तक, फिर नवमी 23:36 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 09:07 बजे तक, उसके बाद अनुराधा 11:52 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 04:23 (कल) बजे तक, फिर वैधृति योग 05:17 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:16 बजे तक, उसके बाद बव 21:18 बजे तक, फिर बालव 10:26 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:02 से 15:40) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल अष्टमी
पिछले दिन19:19उसी दिन21:18
शुक्ल नवमी
उसी दिन21:18अगले दिन23:36
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
विशाखा
पिछले दिन06:46उसी दिन09:07
अनुराधा
उसी दिन09:07अगले दिन11:52
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
ऐन्द्र
उसी दिन03:42अगले दिन04:23
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
पिछले दिन19:19उसी दिन08:16
बव
उसी दिन08:16उसी दिन21:18
बालव
उसी दिन21:18अगले दिन10:26
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल अष्टमी · गुरु
20 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:5307:30 | ||
| 07:3009:08 | ||
| 09:0810:46 | ||
| 10:4612:24 | ||
| 12:2414:02 | ||
| 14:0215:40 | ||
| 15:4017:17 | ||
| 17:1718:55 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5520:18 | ||
| 20:1821:40 | ||
| 21:4023:02 | ||
| 23:0200:24 | ||
| 00:2401:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:31 | ||
| 04:3105:53 |
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:5307:30 | ||
| 07:3009:08 | ||
| 09:0810:46 | ||
| 10:4612:24 | ||
| 12:2414:02 | ||
| 14:0215:40 | ||
| 15:4017:17 | ||
| 17:1718:55 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5520:18 | ||
| 20:1821:40 | ||
| 21:4023:02 | ||
| 23:0200:24 | ||
| 00:2401:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:31 | ||
| 04:3105:53 |
| 04:25→05:09 | ||
| 11:58→12:50 | ||
| 23:27→01:13 | ||
| 14:02→15:40 | ||
| 05:53→07:30 | ||
| 09:08→10:46 | ||
| 12:55→14:40 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:5306:58 | ||
| 06:5808:03 | ||
| 08:0309:08 | ||
| 09:0810:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:24 | ||
| 12:2413:29 | ||
| 13:2914:34 | ||
| 14:3415:40 | ||
| 15:4016:45 | ||
| 16:4517:50 | ||
| 17:5018:55 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:5519:50 | ||
| 19:5020:45 | ||
| 20:4521:40 | ||
| 21:4022:35 | ||
| 22:3523:29 | ||
| 23:2900:24 | ||
| 00:2401:19 | ||
| 01:1902:14 | ||
| 02:1403:09 | ||
| 03:0904:03 | ||
| 04:0304:58 | ||
| 04:5805:53 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 20 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
- 20 अगस्त 2026 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
- 20 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 20 अगस्त 2026 का नक्षत्र विशाखा और योग ऐन्द्र है।
- 20 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:53 पर तथा सूर्यास्त 18:55 पर होगा।
- 20 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:02–15:40 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

