गुरुवार, 21 अगस्त 2025
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। त्रयोदशी तिथि 12:45 बजे तक, फिर चतुर्दशी 11:56 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 00:08 (कल) बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 00:16 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 16:13 बजे तक, फिर वरीयान् योग 14:34 (कल) बजे तक। वणिज करण 12:45 बजे तक, उसके बाद विष्टि 00:17 (कल) बजे तक, फिर शकुनि 11:56 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:01 से 15:39) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण त्रयोदशी
पिछले दिन 13:58 उसी दिन 12:45
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कृष्ण चतुर्दशी
उसी दिन 12:45 अगले दिन 11:56
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
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गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
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भाद्रपद · आश्विन
नक्षत्र · योग · करण
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पुष्य · पाद 1
उसी दिन 00:26 अगले दिन 00:08
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
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व्यतीपात
पिछले दिन 18:12 उसी दिन 16:13
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वरीयान्
उसी दिन 16:13 अगले दिन 14:34
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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वणिज
उसी दिन 01:19 उसी दिन 12:45
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विष्टि
उसी दिन 12:45 अगले दिन 00:17
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण त्रयोदशी · गुरु
21 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 38 मि| 05:53 07:31 | ||
| 07:31 09:08 | ||
| 09:08 10:46 | ||
| 10:46 12:24 | ||
| 12:24 14:01 | ||
| 14:01 15:39 | ||
| 15:39 17:16 | ||
| 17:16 18:54 |
रात के समय
8 · 1 घं 22 मि| 18:54 20:17 | ||
| 20:17 21:39 | ||
| 21:39 23:01 | ||
| 23:01 00:24 | ||
| 00:24 01:46 | ||
| 01:46 03:09 | ||
| 03:09 04:31 | ||
| 04:31 05:54 |
दिन के समय
8 · 1 घं 38 मि| 05:53 07:31 | ||
| 07:31 09:08 | ||
| 09:08 10:46 | ||
| 10:46 12:24 | ||
| 12:24 14:01 | ||
| 14:01 15:39 | ||
| 15:39 17:16 | ||
| 17:16 18:54 |
रात के समय
8 · 1 घं 22 मि| 18:54 20:17 | ||
| 20:17 21:39 | ||
| 21:39 23:01 | ||
| 23:01 00:24 | ||
| 00:24 01:46 | ||
| 01:46 03:09 | ||
| 03:09 04:31 | ||
| 04:31 05:54 |
| 04:25 → 05:09 | ||
| 11:58 → 12:50 | ||
| 17:49 → 19:23 | ||
| 14:01 → 15:39 | ||
| 05:53 → 07:31 | ||
| 09:08 → 10:46 | ||
| 08:20 → 09:55 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 5 मि| 05:53 06:58 | ||
| 06:58 08:03 | ||
| 08:03 09:08 | ||
| 09:08 10:13 | ||
| 10:13 11:19 | ||
| 11:19 12:24 | ||
| 12:24 13:29 | ||
| 13:29 14:34 | ||
| 14:34 15:39 | ||
| 15:39 16:44 | ||
| 16:44 17:49 | ||
| 17:49 18:54 |
रात के घंटे
12 · 55 मि| 18:54 19:49 | ||
| 19:49 20:44 | ||
| 20:44 21:39 | ||
| 21:39 22:34 | ||
| 22:34 23:29 | ||
| 23:29 00:24 | ||
| 00:24 01:19 | ||
| 01:19 02:14 | ||
| 02:14 03:09 | ||
| 03:09 04:04 | ||
| 04:04 04:59 | ||
| 04:59 05:54 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 21 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
- 21 अगस्त 2025 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
- 21 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 21 अगस्त 2025 का नक्षत्र पुष्य और योग व्यतीपात है।
- 21 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:53 पर तथा सूर्यास्त 18:54 पर होगा।
- 21 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:01–15:39 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।