मंगलवार, 24 अगस्त 2027
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। सप्तमी तिथि 20:25 बजे तक, फिर अष्टमी 19:20 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 12:37 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 12:27 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 23:47 बजे तक, फिर व्याघात योग 21:48 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:43 बजे तक, उसके बाद बव 20:25 बजे तक, फिर बालव 07:57 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:37 से 17:14) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण सप्तमी
पिछले दिन20:53उसी दिन20:25
कृष्ण अष्टमी
उसी दिन20:25अगले दिन19:20
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
भरणी
पिछले दिन12:10उसी दिन12:37
कृत्तिका
उसी दिन12:37अगले दिन12:27
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
ध्रुव
उसी दिन01:16उसी दिन23:47
व्याघात
उसी दिन23:47अगले दिन21:48
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
पिछले दिन20:53उसी दिन08:43
बव
उसी दिन08:43उसी दिन20:25
बालव
उसी दिन20:25अगले दिन07:57
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण सप्तमी · मंगल
24 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:32 | ||
| 07:3209:09 | ||
| 09:0910:46 | ||
| 10:4612:23 | ||
| 12:2314:00 | ||
| 14:0015:37 | ||
| 15:3717:14 | ||
| 17:1418:51 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:5120:14 | ||
| 20:1421:37 | ||
| 21:3723:00 | ||
| 23:0000:23 | ||
| 00:2301:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:32 | ||
| 04:3205:55 |
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:32 | ||
| 07:3209:09 | ||
| 09:0910:46 | ||
| 10:4612:23 | ||
| 12:2314:00 | ||
| 14:0015:37 | ||
| 15:3717:14 | ||
| 17:1418:51 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:5120:14 | ||
| 20:1421:37 | ||
| 21:3723:00 | ||
| 23:0000:23 | ||
| 00:2301:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:32 | ||
| 04:3205:55 |
| 04:26→05:10 | ||
| 11:57→12:49 | ||
| 07:43→09:21 | ||
| 15:37→17:14 | ||
| 09:09→10:46 | ||
| 12:23→14:00 | ||
| 21:57→23:35 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:5406:59 | ||
| 06:5908:04 | ||
| 08:0409:09 | ||
| 09:0910:13 | ||
| 10:1311:18 | ||
| 11:1812:23 | ||
| 12:2313:28 | ||
| 13:2814:32 | ||
| 14:3215:37 | ||
| 15:3716:42 | ||
| 16:4217:47 | ||
| 17:4718:51 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:5119:47 | ||
| 19:4720:42 | ||
| 20:4221:37 | ||
| 21:3722:33 | ||
| 22:3323:28 | ||
| 23:2800:23 | ||
| 00:2301:18 | ||
| 01:1802:14 | ||
| 02:1403:09 | ||
| 03:0904:04 | ||
| 04:0405:00 | ||
| 05:0005:55 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 24 अगस्त 2027 की तिथि क्या है?
- 24 अगस्त 2027 की तिथि कृष्ण सप्तमी है।
- 24 अगस्त 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 24 अगस्त 2027 का नक्षत्र भरणी और योग ध्रुव है।
- 24 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:54 पर तथा सूर्यास्त 18:51 पर होगा।
- 24 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:37–17:14 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

