गुरुवार, 28 अगस्त 2025
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। पंचमी तिथि 17:57 बजे तक, फिर षष्ठी 20:22 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 08:43 बजे तक, उसके बाद स्वाति 11:38 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुक्ल 13:17 बजे तक, फिर ब्रह्म योग 14:11 (कल) बजे तक। बालव करण 17:57 बजे तक, उसके बाद कौलव 07:09 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 20:22 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:58 से 15:34) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल पंचमी
पिछले दिन15:44उसी दिन17:57
शुक्ल षष्ठी
उसी दिन17:57अगले दिन20:22
पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
चित्रा
पिछले दिन06:03उसी दिन08:43
स्वाति
उसी दिन08:43अगले दिन11:38
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
शुक्ल
पिछले दिन12:33उसी दिन13:17
ब्रह्म
उसी दिन13:17अगले दिन14:11
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
उसी दिन04:48उसी दिन17:57
कौलव
उसी दिन17:57अगले दिन07:09
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल पंचमी · गुरु
28 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 36 मि| 05:5707:33 | ||
| 07:3309:09 | ||
| 09:0910:45 | ||
| 10:4512:22 | ||
| 12:2213:58 | ||
| 13:5815:34 | ||
| 15:3417:10 | ||
| 17:1018:47 |
रात के समय
8·1 घं 24 मि| 18:4720:10 | ||
| 20:1021:34 | ||
| 21:3422:58 | ||
| 22:5800:22 | ||
| 00:2201:46 | ||
| 01:4603:10 | ||
| 03:1004:33 | ||
| 04:3305:57 |
दिन के समय
8·1 घं 36 मि| 05:5707:33 | ||
| 07:3309:09 | ||
| 09:0910:45 | ||
| 10:4512:22 | ||
| 12:2213:58 | ||
| 13:5815:34 | ||
| 15:3417:10 | ||
| 17:1018:47 |
रात के समय
8·1 घं 24 मि| 18:4720:10 | ||
| 20:1021:34 | ||
| 21:3422:58 | ||
| 22:5800:22 | ||
| 00:2201:46 | ||
| 01:4603:10 | ||
| 03:1004:33 | ||
| 04:3305:57 |
| 04:28→05:12 | ||
| 11:56→12:47 | ||
| 01:36→03:23 | ||
| 13:58→15:34 | ||
| 05:57→07:33 | ||
| 09:09→10:45 | ||
| 14:56→16:43 |
दिन के घंटे
12·1 घं 4 मि| 05:5707:01 | ||
| 07:0108:05 | ||
| 08:0509:09 | ||
| 09:0910:13 | ||
| 10:1311:18 | ||
| 11:1812:22 | ||
| 12:2213:26 | ||
| 13:2614:30 | ||
| 14:3015:34 | ||
| 15:3416:38 | ||
| 16:3817:42 | ||
| 17:4218:47 |
रात के घंटे
12·56 मि| 18:4719:43 | ||
| 19:4320:38 | ||
| 20:3821:34 | ||
| 21:3422:30 | ||
| 22:3023:26 | ||
| 23:2600:22 | ||
| 00:2201:18 | ||
| 01:1802:14 | ||
| 02:1403:10 | ||
| 03:1004:06 | ||
| 04:0605:01 | ||
| 05:0105:57 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 28 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
- 28 अगस्त 2025 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
- 28 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 28 अगस्त 2025 का नक्षत्र चित्रा और योग शुक्ल है।
- 28 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:57 पर तथा सूर्यास्त 18:47 पर होगा।
- 28 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:58–15:34 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

