शनिवार, 8 अगस्त 2026
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। दशमी तिथि 13:59 बजे तक, फिर एकादशी 11:05 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 16:50 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 14:42 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 09:00 बजे तक, फिर व्याघात योग 05:36 (कल) बजे तक। विष्टि करण 13:59 बजे तक, उसके बाद बव 00:34 (कल) बजे तक, फिर बालव 11:05 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:06 से 10:46) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण दशमी
पिछले दिन16:37उसी दिन13:59
कामिका एकादशी
उसी दिन13:59अगले दिन11:05
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
रोहिणी
पिछले दिन18:42उसी दिन16:50
मृगशिरा
उसी दिन16:50अगले दिन14:42
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
ध्रुव
पिछले दिन12:09उसी दिन09:00
व्याघात
उसी दिन09:00अगले दिन05:36
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
उसी दिन03:20उसी दिन13:59
बव
उसी दिन13:59अगले दिन00:34
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · शनि
8 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:4607:26 | ||
| 07:2609:06 | ||
| 09:0610:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:06 | ||
| 14:0615:46 | ||
| 15:4617:26 | ||
| 17:2619:06 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 19:0620:26 | ||
| 20:2621:46 | ||
| 21:4623:06 | ||
| 23:0600:26 | ||
| 00:2601:46 | ||
| 01:4603:06 | ||
| 03:0604:27 | ||
| 04:2705:47 |
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:4607:26 | ||
| 07:2609:06 | ||
| 09:0610:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:06 | ||
| 14:0615:46 | ||
| 15:4617:26 | ||
| 17:2619:06 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 19:0620:26 | ||
| 20:2621:46 | ||
| 21:4623:06 | ||
| 23:0600:26 | ||
| 00:2601:46 | ||
| 01:4603:06 | ||
| 03:0604:27 | ||
| 04:2705:47 |
| 04:21→05:03 | ||
| 11:59→12:53 | ||
| 13:53→15:22 | ||
| 09:06→10:46 | ||
| 14:06→15:46 | ||
| 05:46→07:26 | ||
| 09:28→10:56 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:4606:53 | ||
| 06:5307:59 | ||
| 07:5909:06 | ||
| 09:0610:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:26 | ||
| 12:2613:33 | ||
| 13:3314:40 | ||
| 14:4015:46 | ||
| 15:4616:53 | ||
| 16:5318:00 | ||
| 18:0019:06 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:0620:00 | ||
| 20:0020:53 | ||
| 20:5321:46 | ||
| 21:4622:40 | ||
| 22:4023:33 | ||
| 23:3300:26 | ||
| 00:2601:20 | ||
| 01:2002:13 | ||
| 02:1303:06 | ||
| 03:0604:00 | ||
| 04:0004:53 | ||
| 04:5305:47 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 8 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
- 8 अगस्त 2026 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 8 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 8 अगस्त 2026 का नक्षत्र रोहिणी और योग ध्रुव है।
- 8 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:46 पर तथा सूर्यास्त 19:06 पर होगा।
- 8 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:06–10:46 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

