शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। अष्टमी तिथि 14:57 बजे तक, फिर नवमी 16:38 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 05:49 (कल) बजे तक, उसके बाद हस्त 08:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 11:10 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 11:15 (कल) बजे तक। कौलव करण 14:57 बजे तक, उसके बाद तैतिल 03:43 (कल) बजे तक, फिर गर 16:38 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:57 से 12:14) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण अष्टमी
पिछले दिन 13:57 उसी दिन 14:57
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कृष्ण नवमी
उसी दिन 14:57 अगले दिन 16:38
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
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शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
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मार्गशीर्ष · पौष
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर फाल्गुनी · पाद 1
उसी दिन 03:55 अगले दिन 05:49
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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प्रीति
पिछले दिन 11:38 उसी दिन 11:10
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आयुष्मान्
उसी दिन 11:10 अगले दिन 11:15
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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कौलव
उसी दिन 02:21 उसी दिन 14:57
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तैतिल
उसी दिन 14:57 अगले दिन 03:43
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण अष्टमी · शुक्र
12 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 18 मि| 07:04 08:21 | ||
| 08:21 09:39 | ||
| 09:39 10:57 | ||
| 10:57 12:14 | ||
| 12:14 13:32 | ||
| 13:32 14:50 | ||
| 14:50 16:07 | ||
| 16:07 17:25 |
रात के समय
8 · 1 घं 42 मि| 17:25 19:07 | ||
| 19:07 20:50 | ||
| 20:50 22:32 | ||
| 22:32 00:15 | ||
| 00:15 01:57 | ||
| 01:57 03:40 | ||
| 03:40 05:22 | ||
| 05:22 07:04 |
दिन के समय
8 · 1 घं 18 मि| 07:04 08:21 | ||
| 08:21 09:39 | ||
| 09:39 10:57 | ||
| 10:57 12:14 | ||
| 12:14 13:32 | ||
| 13:32 14:50 | ||
| 14:50 16:07 | ||
| 16:07 17:25 |
रात के समय
8 · 1 घं 42 मि| 17:25 19:07 | ||
| 19:07 20:50 | ||
| 20:50 22:32 | ||
| 22:32 00:15 | ||
| 00:15 01:57 | ||
| 01:57 03:40 | ||
| 03:40 05:22 | ||
| 05:22 07:04 |
| 05:15 → 06:09 | ||
| 11:54 → 12:35 | ||
| 22:03 → 23:46 | ||
| 10:57 → 12:14 | ||
| 14:50 → 16:07 | ||
| 08:21 → 09:39 | ||
| 11:41 → 13:25 |
दिन के घंटे
12 · 52 मि| 07:04 07:56 | ||
| 07:56 08:47 | ||
| 08:47 09:39 | ||
| 09:39 10:31 | ||
| 10:31 11:23 | ||
| 11:23 12:14 | ||
| 12:14 13:06 | ||
| 13:06 13:58 | ||
| 13:58 14:50 | ||
| 14:50 15:41 | ||
| 15:41 16:33 | ||
| 16:33 17:25 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 8 मि| 17:25 18:33 | ||
| 18:33 19:41 | ||
| 19:41 20:50 | ||
| 20:50 21:58 | ||
| 21:58 23:06 | ||
| 23:06 00:15 | ||
| 00:15 01:23 | ||
| 01:23 02:31 | ||
| 02:31 03:40 | ||
| 03:40 04:48 | ||
| 04:48 05:56 | ||
| 05:56 07:04 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 12 दिसंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 12 दिसंबर 2025 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
- 12 दिसंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 12 दिसंबर 2025 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग प्रीति है।
- 12 दिसंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:04 पर तथा सूर्यास्त 17:25 पर होगा।
- 12 दिसंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:57–12:14 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।