रविवार, 14 दिसंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। दशमी तिथि 18:50 बजे तक, फिर एकादशी 21:20 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 08:17 बजे तक, उसके बाद चित्रा 11:08 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 11:44 बजे तक, फिर शोभन योग 12:29 (कल) बजे तक। विष्टि करण 18:50 बजे तक, उसके बाद बव 08:03 (कल) बजे तक, फिर बालव 21:20 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:08 से 17:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण दशमी
पिछले दिन16:38उसी दिन18:50
सफला एकादशी
उसी दिन18:50अगले दिन21:20
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
हस्त
पिछले दिन05:49उसी दिन08:17
चित्रा
उसी दिन08:17अगले दिन11:08
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
सौभाग्य
पिछले दिन11:15उसी दिन11:44
शोभन
उसी दिन11:44अगले दिन12:29
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
उसी दिन05:41उसी दिन18:50
बव
उसी दिन18:50अगले दिन08:03
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · रवि
14 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:0508:23 | ||
| 08:2309:40 | ||
| 09:4010:58 | ||
| 10:5812:15 | ||
| 12:1513:33 | ||
| 13:3314:50 | ||
| 14:5016:08 | ||
| 16:0817:25 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2519:08 | ||
| 19:0820:51 | ||
| 20:5122:33 | ||
| 22:3300:16 | ||
| 00:1601:58 | ||
| 01:5803:41 | ||
| 03:4105:23 | ||
| 05:2307:06 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:0508:23 | ||
| 08:2309:40 | ||
| 09:4010:58 | ||
| 10:5812:15 | ||
| 12:1513:33 | ||
| 13:3314:50 | ||
| 14:5016:08 | ||
| 16:0817:25 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2519:08 | ||
| 19:0820:51 | ||
| 20:5122:33 | ||
| 22:3300:16 | ||
| 00:1601:58 | ||
| 01:5803:41 | ||
| 03:4105:23 | ||
| 05:2307:06 |
| 05:16→06:10 | ||
| 11:55→12:36 | ||
| 01:40→03:26 | ||
| 16:08→17:25 | ||
| 12:15→13:33 | ||
| 14:50→16:08 | ||
| 15:05→16:51 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:0507:57 | ||
| 07:5708:48 | ||
| 08:4809:40 | ||
| 09:4010:32 | ||
| 10:3211:24 | ||
| 11:2412:15 | ||
| 12:1513:07 | ||
| 13:0713:59 | ||
| 13:5914:50 | ||
| 14:5015:42 | ||
| 15:4216:34 | ||
| 16:3417:25 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2518:34 | ||
| 18:3419:42 | ||
| 19:4220:51 | ||
| 20:5121:59 | ||
| 21:5923:07 | ||
| 23:0700:16 | ||
| 00:1601:24 | ||
| 01:2402:32 | ||
| 02:3203:41 | ||
| 03:4104:49 | ||
| 04:4905:57 | ||
| 05:5707:06 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 14 दिसंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 14 दिसंबर 2025 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 14 दिसंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 14 दिसंबर 2025 का नक्षत्र हस्त और योग सौभाग्य है।
- 14 दिसंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:05 पर तथा सूर्यास्त 17:25 पर होगा।
- 14 दिसंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:08–17:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

