Skip to main content

गुरुवार, 17 दिसंबर 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है। अष्टमी तिथि 23:26 बजे तक, फिर नवमी 23:14 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 15:30 बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 16:09 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 13:20 बजे तक, फिर व्यतीपात योग 12:17 (कल) बजे तक। विष्टि करण 11:12 बजे तक, उसके बाद बव 23:26 बजे तक, फिर बालव 11:27 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:34 से 14:52) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल अष्टमी

      पिछले दिन22:46उसी दिन23:26

    • शुक्ल नवमी

      उसी दिन23:26अगले दिन23:14

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा

      पिछले दिन14:01उसी दिन15:30

    • उत्तर भाद्रपदा

      उसी दिन15:30अगले दिन16:09

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • सिद्धि

      पिछले दिन13:44उसी दिन13:20

    • व्यतीपात

      उसी दिन13:20अगले दिन12:17

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन22:46उसी दिन11:12

    • बव

      उसी दिन11:12उसी दिन23:26

    • बालव

      उसी दिन23:26अगले दिन11:27

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल अष्टमी · गुरु

00061218शुभ · 07:07 – 08:24रोग · 08:24 – 09:42उद्वेग · 09:42 – 10:59चल · 10:59 – 12:17लाभ · 12:17 – 13:34अमृत · 13:34 – 14:52काल · 14:52 – 16:09शुभ · 16:09 – 17:26अमृत · 17:26 – 19:09चल · 19:09 – 20:52रोग · 20:52 – 22:34काल · 22:34 – 00:17लाभ · 00:17 – 02:00उद्वेग · 02:00 – 03:42शुभ · 03:42 – 05:25अमृत · 05:25 – 07:07शुभ · 07:07 – 08:24रोग · 08:24 – 09:42शून्य · 09:42 – 10:59लाभ · 10:59 – 12:17काल · 12:17 – 13:34चल · 13:34 – 14:52उद्योग · 14:52 – 16:09अमृत · 16:09 – 17:26लाभ · 17:26 – 19:09चल · 19:09 – 20:52शुभ · 20:52 – 22:34उद्योग · 22:34 – 00:17अमृत · 00:17 – 02:00शून्य · 02:00 – 03:42रोग · 03:42 – 05:25काल · 05:25 – 07:07ब्रह्म मुहूर्त · 05:17 – 06:12अभिजित मुहूर्त · 11:56 – 12:37अमृत काल · 07:00 – 08:42राहु काल · 13:34 – 14:52यमगण्ड काल · 07:07 – 08:24गुलिक काल · 09:42 – 10:59वर्ज्यम् · 20:49 – 22:31गुरु · 07:07 – 07:58मंगल · 07:58 – 08:50सूर्य · 08:50 – 09:42शुक्र · 09:42 – 10:33बुध · 10:33 – 11:25चंद्र · 11:25 – 12:17शनि · 12:17 – 13:08गुरु · 13:08 – 14:00मंगल · 14:00 – 14:52सूर्य · 14:52 – 15:43शुक्र · 15:43 – 16:35बुध · 16:35 – 17:26चंद्र · 17:26 – 18:35शनि · 18:35 – 19:43गुरु · 19:43 – 20:52मंगल · 20:52 – 22:00सूर्य · 22:00 – 23:09शुक्र · 23:09 – 00:17बुध · 00:17 – 01:25चंद्र · 01:25 – 02:34शनि · 02:34 – 03:42गुरु · 03:42 – 04:51मंगल · 04:51 – 05:59सूर्य · 05:59 – 07:07

17 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 17 मि
07:07
08:24
09:42
10:59
12:17
13:34
14:52
16:09

रात के समय

8·1 घं 43 मि
17:26
19:09
20:52
22:34
00:17
02:00
03:42
05:25

दिन के समय

8·1 घं 17 मि
07:07
08:24
09:42
10:59
12:17
13:34
14:52
16:09

रात के समय

8·1 घं 43 मि
17:26
19:09
20:52
22:34
00:17
02:00
03:42
05:25
05:1706:12
11:5612:37
07:0008:42
13:3414:52
07:0708:24
09:4210:59
20:4922:31

दिन के घंटे

12·52 मि
07:07
07:58
08:50
09:42
10:33
11:25
12:17
13:08
14:00
14:52
15:43
16:35

रात के घंटे

12·1 घं 8 मि
17:26
18:35
19:43
20:52
22:00
23:09
00:17
01:25
02:34
03:42
04:51
05:59

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
17 दिसंबर 2026 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
17 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
17 दिसंबर 2026 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग सिद्धि है।
17 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:07 पर तथा सूर्यास्त 17:26 पर होगा।
17 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:34–14:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।