रविवार, 19 दिसंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। सप्तमी तिथि 03:34 (कल) बजे तक, फिर अष्टमी 01:53 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 02:06 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 01:04 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 20:35 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 17:54 (कल) बजे तक। विष्टि करण 16:32 बजे तक, उसके बाद बव 03:34 (कल) बजे तक, फिर बालव 14:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:10 से 17:27) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण सप्तमी
उसी दिन05:36अगले दिन03:34
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व फाल्गुनी · पाद 1
उसी दिन03:29अगले दिन02:06
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
प्रीति
पिछले दिन23:33उसी दिन20:35
आयुष्मान्
उसी दिन20:35अगले दिन17:54
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
उसी दिन05:36उसी दिन16:32
बव
उसी दिन16:32अगले दिन03:34
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण सप्तमी · रवि
19 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:0808:25 | ||
| 08:2509:43 | ||
| 09:4311:00 | ||
| 11:0012:17 | ||
| 12:1713:35 | ||
| 13:3514:52 | ||
| 14:5216:10 | ||
| 16:1017:27 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2719:10 | ||
| 19:1020:52 | ||
| 20:5222:35 | ||
| 22:3500:18 | ||
| 00:1802:00 | ||
| 02:0003:43 | ||
| 03:4305:26 | ||
| 05:2607:08 |
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:0808:25 | ||
| 08:2509:43 | ||
| 09:4311:00 | ||
| 11:0012:17 | ||
| 12:1713:35 | ||
| 13:3514:52 | ||
| 14:5216:10 | ||
| 16:1017:27 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2719:10 | ||
| 19:1020:52 | ||
| 20:5222:35 | ||
| 22:3500:18 | ||
| 00:1802:00 | ||
| 02:0003:43 | ||
| 03:4305:26 | ||
| 05:2607:08 |
| 05:18→06:13 | ||
| 11:57→12:38 | ||
| 20:04→21:34 | ||
| 16:10→17:27 | ||
| 12:17→13:35 | ||
| 14:52→16:10 | ||
| 11:01→12:32 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:0807:59 | ||
| 07:5908:51 | ||
| 08:5109:43 | ||
| 09:4310:34 | ||
| 10:3411:26 | ||
| 11:2612:17 | ||
| 12:1713:09 | ||
| 13:0914:01 | ||
| 14:0114:52 | ||
| 14:5215:44 | ||
| 15:4416:36 | ||
| 16:3617:27 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2718:36 | ||
| 18:3619:44 | ||
| 19:4420:52 | ||
| 20:5222:01 | ||
| 22:0123:09 | ||
| 23:0900:18 | ||
| 00:1801:26 | ||
| 01:2602:35 | ||
| 02:3503:43 | ||
| 03:4304:51 | ||
| 04:5106:00 | ||
| 06:0007:08 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 19 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 19 दिसंबर 2027 की तिथि कृष्ण सप्तमी है।
- 19 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 19 दिसंबर 2027 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग प्रीति है।
- 19 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:08 पर तथा सूर्यास्त 17:27 पर होगा।
- 19 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:10–17:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

