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Kundli GPT

गुरुवार, 2 दिसंबर 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है। चतुर्थी तिथि 13:44 बजे तक, फिर पंचमी 16:13 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 02:29 (कल) बजे तक, उसके बाद श्रवण 05:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 03:20 (कल) बजे तक, फिर ध्रुव योग 04:15 (कल) बजे तक। विष्टि करण 13:44 बजे तक, उसके बाद बव 02:56 (कल) बजे तक, फिर बालव 16:13 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:28 से 14:47) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन 11:39 उसी दिन 13:44

    • शुक्ल पंचमी

      उसी दिन 13:44 अगले दिन 16:13

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • मार्गशीर्ष · पौष

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा · पाद 2

      पिछले दिन 23:44 अगले दिन 02:29

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • वृद्धि

      उसी दिन 02:40 अगले दिन 03:20

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      उसी दिन 00:38 उसी दिन 13:44

    • बव

      उसी दिन 13:44 अगले दिन 02:56

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:56 – 08:15 रोग · 08:15 – 09:33 उद्वेग · 09:33 – 10:51 चल · 10:51 – 12:10 लाभ · 12:10 – 13:28 अमृत · 13:28 – 14:47 काल · 14:47 – 16:05 शुभ · 16:05 – 17:23 अमृत · 17:23 – 19:05 चल · 19:05 – 20:47 रोग · 20:47 – 22:28 काल · 22:28 – 00:10 लाभ · 00:10 – 01:52 उद्वेग · 01:52 – 03:34 शुभ · 03:34 – 05:15 अमृत · 05:15 – 06:57 शुभ · 06:56 – 08:15 रोग · 08:15 – 09:33 शून्य · 09:33 – 10:51 लाभ · 10:51 – 12:10 काल · 12:10 – 13:28 चल · 13:28 – 14:47 उद्योग · 14:47 – 16:05 अमृत · 16:05 – 17:23 लाभ · 17:23 – 19:05 चल · 19:05 – 20:47 शुभ · 20:47 – 22:28 उद्योग · 22:28 – 00:10 अमृत · 00:10 – 01:52 शून्य · 01:52 – 03:34 रोग · 03:34 – 05:15 काल · 05:15 – 06:57 ब्रह्म मुहूर्त · 05:08 – 06:02 अभिजित मुहूर्त · 11:49 – 12:31 अमृत काल · 19:21 – 21:08 राहु काल · 13:28 – 14:47 यमगण्ड काल · 06:56 – 08:15 गुलिक काल · 09:33 – 10:51 वर्ज्यम् · 08:39 – 10:26 गुरु · 06:56 – 07:49 मंगल · 07:49 – 08:41 सूर्य · 08:41 – 09:33 शुक्र · 09:33 – 10:25 बुध · 10:25 – 11:18 चंद्र · 11:18 – 12:10 शनि · 12:10 – 13:02 गुरु · 13:02 – 13:54 मंगल · 13:54 – 14:47 सूर्य · 14:47 – 15:39 शुक्र · 15:39 – 16:31 बुध · 16:31 – 17:23 चंद्र · 17:23 – 18:31 शनि · 18:31 – 19:39 गुरु · 19:39 – 20:47 मंगल · 20:47 – 21:55 सूर्य · 21:55 – 23:02 शुक्र · 23:02 – 00:10 बुध · 00:10 – 01:18 चंद्र · 01:18 – 02:26 शनि · 02:26 – 03:34 गुरु · 03:34 – 04:41 मंगल · 04:41 – 05:49 सूर्य · 05:49 – 06:57

2 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
06:56
08:15
09:33
10:51
12:10
13:28
14:47
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:28
00:10
01:52
03:34
05:15

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
06:56
08:15
09:33
10:51
12:10
13:28
14:47
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:28
00:10
01:52
03:34
05:15
05:08 06:02
11:49 12:31
19:21 21:08
13:28 14:47
06:56 08:15
09:33 10:51
08:39 10:26

दिन के घंटे

12 · 52 मि
06:56
07:49
08:41
09:33
10:25
11:18
12:10
13:02
13:54
14:47
15:39
16:31

रात के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:47
21:55
23:02
00:10
01:18
02:26
03:34
04:41
05:49

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
2 दिसंबर 2027 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
2 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
2 दिसंबर 2027 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग वृद्धि है।
2 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:56 पर तथा सूर्यास्त 17:23 पर होगा।
2 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:28–14:47 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।