बुधवार, 22 दिसंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। दशमी तिथि 23:41 बजे तक, फिर एकादशी 23:12 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 00:08 (कल) बजे तक, उसके बाद स्वाति 00:16 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शोभन 13:26 बजे तक, फिर अतिगण्ड योग 11:41 (कल) बजे तक। वणिज करण 12:05 बजे तक, उसके बाद विष्टि 23:41 बजे तक, फिर बव 11:23 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:19 से 13:36) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण दशमी
उसी दिन00:35उसी दिन23:41
सफला एकादशी
उसी दिन23:41अगले दिन23:12
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
चित्रा · पाद 2
उसी दिन00:24अगले दिन00:08
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
शोभन
पिछले दिन15:31उसी दिन13:26
अतिगण्ड
उसी दिन13:26अगले दिन11:41
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
वणिज
उसी दिन00:35उसी दिन12:05
विष्टि
उसी दिन12:05उसी दिन23:41
बव
उसी दिन23:41अगले दिन11:23
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · बुध
22 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:0908:27 | ||
| 08:2709:44 | ||
| 09:4411:02 | ||
| 11:0212:19 | ||
| 12:1913:36 | ||
| 13:3614:54 | ||
| 14:5416:11 | ||
| 16:1117:29 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2919:11 | ||
| 19:1120:54 | ||
| 20:5422:37 | ||
| 22:3700:19 | ||
| 00:1902:02 | ||
| 02:0203:45 | ||
| 03:4505:27 | ||
| 05:2707:10 |
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:0908:27 | ||
| 08:2709:44 | ||
| 09:4411:02 | ||
| 11:0212:19 | ||
| 12:1913:36 | ||
| 13:3614:54 | ||
| 14:5416:11 | ||
| 16:1117:29 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2919:11 | ||
| 19:1120:54 | ||
| 20:5422:37 | ||
| 22:3700:19 | ||
| 00:1902:02 | ||
| 02:0203:45 | ||
| 03:4505:27 | ||
| 05:2707:10 |
| 05:20→06:15 | ||
| 17:48→19:23 | ||
| 12:19→13:36 | ||
| 08:27→09:44 | ||
| 11:02→12:19 | ||
| 08:19→09:54 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:0908:01 | ||
| 08:0108:53 | ||
| 08:5309:44 | ||
| 09:4410:36 | ||
| 10:3611:27 | ||
| 11:2712:19 | ||
| 12:1913:11 | ||
| 13:1114:02 | ||
| 14:0214:54 | ||
| 14:5415:45 | ||
| 15:4516:37 | ||
| 16:3717:29 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2918:37 | ||
| 18:3719:45 | ||
| 19:4520:54 | ||
| 20:5422:02 | ||
| 22:0223:11 | ||
| 23:1100:19 | ||
| 00:1901:28 | ||
| 01:2802:36 | ||
| 02:3603:45 | ||
| 03:4504:53 | ||
| 04:5306:01 | ||
| 06:0107:10 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 22 दिसंबर 2027 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 22 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 22 दिसंबर 2027 का नक्षत्र चित्रा और योग शोभन है।
- 22 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:09 पर तथा सूर्यास्त 17:29 पर होगा।
- 22 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:19–13:36 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

