मंगलवार, 23 दिसंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। तृतीया तिथि 12:13 बजे तक, फिर चतुर्थी 13:11 (कल) बजे तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र 07:07 (कल) बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा 08:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 16:29 बजे तक, फिर हर्षण योग 16:01 (कल) बजे तक। गर करण 12:13 बजे तक, उसके बाद वणिज 00:45 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 13:11 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:55 से 16:12) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल तृतीया
पिछले दिन10:52उसी दिन12:13
शुक्ल चतुर्थी
उसी दिन12:13अगले दिन13:11
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
श्रवण · पाद 1
उसी दिन05:31अगले दिन07:07
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
व्याघात
पिछले दिन16:39उसी दिन16:29
हर्षण
उसी दिन16:29अगले दिन16:01
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
गर
पिछले दिन23:35उसी दिन12:13
वणिज
उसी दिन12:13अगले दिन00:45
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल तृतीया · मंगल
23 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:1008:27 | ||
| 08:2709:45 | ||
| 09:4511:02 | ||
| 11:0212:20 | ||
| 12:2013:37 | ||
| 13:3714:55 | ||
| 14:5516:12 | ||
| 16:1217:29 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2919:12 | ||
| 19:1220:55 | ||
| 20:5522:37 | ||
| 22:3700:20 | ||
| 00:2002:03 | ||
| 02:0303:45 | ||
| 03:4505:28 | ||
| 05:2807:11 |
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:1008:27 | ||
| 08:2709:45 | ||
| 09:4511:02 | ||
| 11:0212:20 | ||
| 12:2013:37 | ||
| 13:3714:55 | ||
| 14:5516:12 | ||
| 16:1217:29 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2919:12 | ||
| 19:1220:55 | ||
| 20:5522:37 | ||
| 22:3700:20 | ||
| 00:2002:03 | ||
| 02:0303:45 | ||
| 03:4505:28 | ||
| 05:2807:11 |
| 05:21→06:15 | ||
| 11:59→12:40 | ||
| 20:01→21:44 | ||
| 14:55→16:12 | ||
| 09:45→11:02 | ||
| 12:20→13:37 | ||
| 09:47→11:30 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1008:02 | ||
| 08:0208:53 | ||
| 08:5309:45 | ||
| 09:4510:37 | ||
| 10:3711:28 | ||
| 11:2812:20 | ||
| 12:2013:11 | ||
| 13:1114:03 | ||
| 14:0314:55 | ||
| 14:5515:46 | ||
| 15:4616:38 | ||
| 16:3817:29 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2918:38 | ||
| 18:3819:46 | ||
| 19:4620:55 | ||
| 20:5522:03 | ||
| 22:0323:12 | ||
| 23:1200:20 | ||
| 00:2001:28 | ||
| 01:2802:37 | ||
| 02:3703:45 | ||
| 03:4504:54 | ||
| 04:5406:02 | ||
| 06:0207:11 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 23 दिसंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 23 दिसंबर 2025 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
- 23 दिसंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 23 दिसंबर 2025 का नक्षत्र श्रवण और योग व्याघात है।
- 23 दिसंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:10 पर तथा सूर्यास्त 17:29 पर होगा।
- 23 दिसंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:55–16:12 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

