शनिवार, 26 दिसंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। तृतीया तिथि 20:05 बजे तक, फिर चतुर्थी 17:13 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 20:12 बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 18:04 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 00:21 (कल) बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 20:52 (कल) बजे तक। वणिज करण 09:42 बजे तक, उसके बाद विष्टि 20:05 बजे तक, फिर बव 06:35 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:46 से 11:04) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण तृतीया
पिछले दिन23:26उसी दिन20:05
कृष्ण चतुर्थी
उसी दिन20:05अगले दिन17:13
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
पुष्य
पिछले दिन22:49उसी दिन20:12
आश्लेषा
उसी दिन20:12अगले दिन18:04
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
वैधृति
उसी दिन04:15अगले दिन00:21
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
वणिज
पिछले दिन23:26उसी दिन09:42
विष्टि
उसी दिन09:42उसी दिन20:05
बव
उसी दिन20:05अगले दिन06:35
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण तृतीया · शनि
26 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:1108:29 | ||
| 08:2909:46 | ||
| 09:4611:04 | ||
| 11:0412:21 | ||
| 12:2113:39 | ||
| 13:3914:56 | ||
| 14:5616:14 | ||
| 16:1417:31 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:3119:14 | ||
| 19:1420:56 | ||
| 20:5622:39 | ||
| 22:3900:21 | ||
| 00:2102:04 | ||
| 02:0403:46 | ||
| 03:4605:29 | ||
| 05:2907:12 |
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:1108:29 | ||
| 08:2909:46 | ||
| 09:4611:04 | ||
| 11:0412:21 | ||
| 12:2113:39 | ||
| 13:3914:56 | ||
| 14:5616:14 | ||
| 16:1417:31 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:3119:14 | ||
| 19:1420:56 | ||
| 20:5622:39 | ||
| 22:3900:21 | ||
| 00:2102:04 | ||
| 02:0403:46 | ||
| 03:4605:29 | ||
| 05:2907:12 |
| 05:22→06:17 | ||
| 12:00→12:42 | ||
| 14:30→15:55 | ||
| 09:46→11:04 | ||
| 13:39→14:56 | ||
| 07:11→08:29 | ||
| 05:57→07:22 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1108:03 | ||
| 08:0308:55 | ||
| 08:5509:46 | ||
| 09:4610:38 | ||
| 10:3811:29 | ||
| 11:2912:21 | ||
| 12:2113:13 | ||
| 13:1314:04 | ||
| 14:0414:56 | ||
| 14:5615:48 | ||
| 15:4816:39 | ||
| 16:3917:31 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3118:39 | ||
| 18:3919:48 | ||
| 19:4820:56 | ||
| 20:5622:05 | ||
| 22:0523:13 | ||
| 23:1300:21 | ||
| 00:2101:30 | ||
| 01:3002:38 | ||
| 02:3803:46 | ||
| 03:4604:55 | ||
| 04:5506:03 | ||
| 06:0307:12 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 26 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 26 दिसंबर 2026 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
- 26 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 26 दिसंबर 2026 का नक्षत्र पुष्य और योग वैधृति है।
- 26 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:11 पर तथा सूर्यास्त 17:31 पर होगा।
- 26 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:46–11:04 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

