शुक्रवार, 27 दिसंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। द्वादशी तिथि 02:27 (कल) बजे तक, फिर त्रयोदशी 03:33 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 20:28 बजे तक, उसके बाद अनुराधा 22:12 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 22:36 बजे तक, फिर शूल योग 22:22 (कल) बजे तक। कौलव करण 13:40 बजे तक, उसके बाद तैतिल 02:27 (कल) बजे तक, फिर गर 15:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:04 से 12:22) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण द्वादशी
उसी दिन00:44अगले दिन02:27
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
विशाखा
पिछले दिन18:09उसी दिन20:28
अनुराधा
उसी दिन20:28अगले दिन22:12
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
धृति
पिछले दिन22:22उसी दिन22:36
शूल
उसी दिन22:36अगले दिन22:22
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
उसी दिन00:44उसी दिन13:40
तैतिल
उसी दिन13:40अगले दिन02:27
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण द्वादशी · शुक्र
27 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1208:29 | ||
| 08:2909:47 | ||
| 09:4711:04 | ||
| 11:0412:22 | ||
| 12:2213:39 | ||
| 13:3914:57 | ||
| 14:5716:14 | ||
| 16:1417:32 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:3219:14 | ||
| 19:1420:57 | ||
| 20:5722:39 | ||
| 22:3900:22 | ||
| 00:2202:05 | ||
| 02:0503:47 | ||
| 03:4705:30 | ||
| 05:3007:12 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1208:29 | ||
| 08:2909:47 | ||
| 09:4711:04 | ||
| 11:0412:22 | ||
| 12:2213:39 | ||
| 13:3914:57 | ||
| 14:5716:14 | ||
| 16:1417:32 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:3219:14 | ||
| 19:1420:57 | ||
| 20:5722:39 | ||
| 22:3900:22 | ||
| 00:2202:05 | ||
| 02:0503:47 | ||
| 03:4705:30 | ||
| 05:3007:12 |
| 05:22→06:17 | ||
| 12:01→12:43 | ||
| 10:49→12:34 | ||
| 11:04→12:22 | ||
| 14:57→16:14 | ||
| 08:29→09:47 | ||
| 00:17→02:02 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1208:04 | ||
| 08:0408:55 | ||
| 08:5509:47 | ||
| 09:4710:39 | ||
| 10:3911:30 | ||
| 11:3012:22 | ||
| 12:2213:14 | ||
| 13:1414:05 | ||
| 14:0514:57 | ||
| 14:5715:49 | ||
| 15:4916:40 | ||
| 16:4017:32 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3218:40 | ||
| 18:4019:49 | ||
| 19:4920:57 | ||
| 20:5722:05 | ||
| 22:0523:14 | ||
| 23:1400:22 | ||
| 00:2201:30 | ||
| 01:3002:39 | ||
| 02:3903:47 | ||
| 03:4704:55 | ||
| 04:5506:04 | ||
| 06:0407:12 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 दिसंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 27 दिसंबर 2024 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
- 27 दिसंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 27 दिसंबर 2024 का नक्षत्र विशाखा और योग धृति है।
- 27 दिसंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:12 पर तथा सूर्यास्त 17:32 पर होगा।
- 27 दिसंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 11:04–12:22 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

