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Kundli GPT

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज गुरुवार है। दशमी तिथि 23:03 बजे तक, फिर एकादशी 23:45 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 09:23 बजे तक, उसके बाद हस्त 10:22 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 09:14 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 08:22 (कल) बजे तक। वणिज करण 10:54 बजे तक, उसके बाद विष्टि 23:03 बजे तक, फिर बव 11:21 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:29 से 14:47) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 22:52 उसी दिन 23:03

    • सफला एकादशी

      उसी दिन 23:03 अगले दिन 23:45

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • मार्गशीर्ष · पौष

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 08:54 उसी दिन 09:23

    • हस्त

      उसी दिन 09:23 अगले दिन 10:22

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • प्रीति

      पिछले दिन 10:30 उसी दिन 09:14

    • आयुष्मान्

      उसी दिन 09:14 अगले दिन 08:22

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 22:52 उसी दिन 10:54

    • विष्टि

      उसी दिन 10:54 उसी दिन 23:03

    • बव

      उसी दिन 23:03 अगले दिन 11:21

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:57 – 08:15 रोग · 08:15 – 09:34 उद्वेग · 09:34 – 10:52 चल · 10:52 – 12:10 लाभ · 12:10 – 13:29 अमृत · 13:29 – 14:47 काल · 14:47 – 16:05 शुभ · 16:05 – 17:23 अमृत · 17:23 – 19:05 चल · 19:05 – 20:47 रोग · 20:47 – 22:29 काल · 22:29 – 00:11 लाभ · 00:11 – 01:52 उद्वेग · 01:52 – 03:34 शुभ · 03:34 – 05:16 अमृत · 05:16 – 06:58 शुभ · 06:57 – 08:15 रोग · 08:15 – 09:34 शून्य · 09:34 – 10:52 लाभ · 10:52 – 12:10 काल · 12:10 – 13:29 चल · 13:29 – 14:47 उद्योग · 14:47 – 16:05 अमृत · 16:05 – 17:23 लाभ · 17:23 – 19:05 चल · 19:05 – 20:47 शुभ · 20:47 – 22:29 उद्योग · 22:29 – 00:11 अमृत · 00:11 – 01:52 शून्य · 01:52 – 03:34 रोग · 03:34 – 05:16 काल · 05:16 – 06:58 ब्रह्म मुहूर्त · 05:09 – 06:03 अभिजित मुहूर्त · 11:49 – 12:31 अमृत काल · 02:02 – 03:40 राहु काल · 13:29 – 14:47 यमगण्ड काल · 06:57 – 08:15 गुलिक काल · 09:34 – 10:52 वर्ज्यम् · 16:15 – 17:53 गुरु · 06:57 – 07:49 मंगल · 07:49 – 08:42 सूर्य · 08:42 – 09:34 शुक्र · 09:34 – 10:26 बुध · 10:26 – 11:18 चंद्र · 11:18 – 12:10 शनि · 12:10 – 13:02 गुरु · 13:02 – 13:55 मंगल · 13:55 – 14:47 सूर्य · 14:47 – 15:39 शुक्र · 15:39 – 16:31 बुध · 16:31 – 17:23 चंद्र · 17:23 – 18:31 शनि · 18:31 – 19:39 गुरु · 19:39 – 20:47 मंगल · 20:47 – 21:55 सूर्य · 21:55 – 23:03 शुक्र · 23:03 – 00:11 बुध · 00:11 – 01:19 चंद्र · 01:19 – 02:26 शनि · 02:26 – 03:34 गुरु · 03:34 – 04:42 मंगल · 04:42 – 05:50 सूर्य · 05:50 – 06:58

3 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
06:57
08:15
09:34
10:52
12:10
13:29
14:47
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:52
03:34
05:16

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
06:57
08:15
09:34
10:52
12:10
13:29
14:47
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:52
03:34
05:16
05:09 06:03
11:49 12:31
02:02 03:40
13:29 14:47
06:57 08:15
09:34 10:52
16:15 17:53

दिन के घंटे

12 · 52 मि
06:57
07:49
08:42
09:34
10:26
11:18
12:10
13:02
13:55
14:47
15:39
16:31

रात के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:47
21:55
23:03
00:11
01:19
02:26
03:34
04:42
05:50

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
3 दिसंबर 2026 की तिथि कृष्ण दशमी है।
3 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
3 दिसंबर 2026 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग प्रीति है।
3 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:57 पर तथा सूर्यास्त 17:23 पर होगा।
3 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:29–14:47 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।