बुधवार, 30 दिसंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। सप्तमी तिथि 12:36 बजे तक, फिर अष्टमी 12:32 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 15:36 बजे तक, उसके बाद हस्त 16:12 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 13:40 बजे तक, फिर शोभन योग 12:25 (कल) बजे तक। बव करण 12:36 बजे तक, उसके बाद बालव 00:29 (कल) बजे तक, फिर कौलव 12:32 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:23 से 13:41) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण सप्तमी
पिछले दिन 13:25 उसी दिन 12:36
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कृष्ण अष्टमी
उसी दिन 12:36 अगले दिन 12:32
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
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बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
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पौष · माघ
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर फाल्गुनी
पिछले दिन 15:42 उसी दिन 15:36
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हस्त
उसी दिन 15:36 अगले दिन 16:12
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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सौभाग्य
पिछले दिन 15:29 उसी दिन 13:40
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शोभन
उसी दिन 13:40 अगले दिन 12:25
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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बव
उसी दिन 00:55 उसी दिन 12:36
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बालव
उसी दिन 12:36 अगले दिन 00:29
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण सप्तमी · बुध
30 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 18 मि| 07:13 08:30 | ||
| 08:30 09:48 | ||
| 09:48 11:05 | ||
| 11:05 12:23 | ||
| 12:23 13:41 | ||
| 13:41 14:58 | ||
| 14:58 16:16 | ||
| 16:16 17:33 |
रात के समय
8 · 1 घं 42 मि| 17:33 19:16 | ||
| 19:16 20:58 | ||
| 20:58 22:41 | ||
| 22:41 00:23 | ||
| 00:23 02:06 | ||
| 02:06 03:48 | ||
| 03:48 05:31 | ||
| 05:31 07:13 |
दिन के समय
8 · 1 घं 18 मि| 07:13 08:30 | ||
| 08:30 09:48 | ||
| 09:48 11:05 | ||
| 11:05 12:23 | ||
| 12:23 13:41 | ||
| 13:41 14:58 | ||
| 14:58 16:16 | ||
| 16:16 17:33 |
रात के समय
8 · 1 घं 42 मि| 17:33 19:16 | ||
| 19:16 20:58 | ||
| 20:58 22:41 | ||
| 22:41 00:23 | ||
| 00:23 02:06 | ||
| 02:06 03:48 | ||
| 03:48 05:31 | ||
| 05:31 07:13 |
| 05:23 → 06:18 | ||
| 08:26 → 10:01 | ||
| 12:23 → 13:41 | ||
| 08:30 → 09:48 | ||
| 11:05 → 12:23 | ||
| 22:52 → 00:28 |
दिन के घंटे
12 · 52 मि| 07:13 08:04 | ||
| 08:04 08:56 | ||
| 08:56 09:48 | ||
| 09:48 10:40 | ||
| 10:40 11:31 | ||
| 11:31 12:23 | ||
| 12:23 13:15 | ||
| 13:15 14:07 | ||
| 14:07 14:58 | ||
| 14:58 15:50 | ||
| 15:50 16:42 | ||
| 16:42 17:33 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 8 मि| 17:33 18:42 | ||
| 18:42 19:50 | ||
| 19:50 20:58 | ||
| 20:58 22:07 | ||
| 22:07 23:15 | ||
| 23:15 00:23 | ||
| 00:23 01:32 | ||
| 01:32 02:40 | ||
| 02:40 03:48 | ||
| 03:48 04:56 | ||
| 04:56 06:05 | ||
| 06:05 07:13 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 30 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 30 दिसंबर 2026 की तिथि कृष्ण सप्तमी है।
- 30 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 30 दिसंबर 2026 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग सौभाग्य है।
- 30 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:13 पर तथा सूर्यास्त 17:33 पर होगा।
- 30 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:23–13:41 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।