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Kundli GPT

बुधवार, 4 दिसंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है। तृतीया तिथि 13:10 बजे तक, फिर चतुर्थी 12:49 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 17:14 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 17:26 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 13:55 बजे तक, फिर वृद्धि योग 12:26 (कल) बजे तक। गर करण 13:10 बजे तक, उसके बाद वणिज 01:02 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 12:49 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:11 से 13:29) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      पिछले दिन 13:09 उसी दिन 13:10

    • शुक्ल चतुर्थी

      उसी दिन 13:10 अगले दिन 12:49

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • मार्गशीर्ष · पौष

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 16:41 उसी दिन 17:14

    • उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन 17:14 अगले दिन 17:26

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • गण्ड

      पिछले दिन 15:07 उसी दिन 13:55

    • वृद्धि

      उसी दिन 13:55 अगले दिन 12:26

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • गर

      उसी दिन 01:13 उसी दिन 13:10

    • वणिज

      उसी दिन 13:10 अगले दिन 01:02

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · बुध

00 06 12 18 लाभ · 06:58 – 08:16 अमृत · 08:16 – 09:35 काल · 09:35 – 10:53 शुभ · 10:53 – 12:11 रोग · 12:11 – 13:29 उद्वेग · 13:29 – 14:47 चल · 14:47 – 16:05 लाभ · 16:05 – 17:23 उद्वेग · 17:23 – 19:05 शुभ · 19:05 – 20:47 अमृत · 20:47 – 22:29 चल · 22:29 – 00:11 रोग · 00:11 – 01:53 काल · 01:53 – 03:35 लाभ · 03:35 – 05:17 उद्वेग · 05:17 – 06:59 लाभ · 06:58 – 08:16 शुभ · 08:16 – 09:35 अमृत · 09:35 – 10:53 चल · 10:53 – 12:11 उद्योग · 12:11 – 13:29 शून्य · 13:29 – 14:47 रोग · 14:47 – 16:05 काल · 16:05 – 17:23 शून्य · 17:23 – 19:05 रोग · 19:05 – 20:47 काल · 20:47 – 22:29 शुभ · 22:29 – 00:11 चल · 00:11 – 01:53 अमृत · 01:53 – 03:35 उद्योग · 03:35 – 05:17 लाभ · 05:17 – 06:59 ब्रह्म मुहूर्त · 05:10 – 06:04 अमृत काल · 12:19 – 13:58 राहु काल · 12:11 – 13:29 यमगण्ड काल · 08:16 – 09:35 गुलिक काल · 10:53 – 12:11 वर्ज्यम् · 02:30 – 04:08 बुध · 06:58 – 07:50 चंद्र · 07:50 – 08:43 शनि · 08:43 – 09:35 गुरु · 09:35 – 10:27 मंगल · 10:27 – 11:19 सूर्य · 11:19 – 12:11 शुक्र · 12:11 – 13:03 बुध · 13:03 – 13:55 चंद्र · 13:55 – 14:47 शनि · 14:47 – 15:39 गुरु · 15:39 – 16:31 मंगल · 16:31 – 17:23 सूर्य · 17:23 – 18:31 शुक्र · 18:31 – 19:39 बुध · 19:39 – 20:47 चंद्र · 20:47 – 21:55 शनि · 21:55 – 23:03 गुरु · 23:03 – 00:11 मंगल · 00:11 – 01:19 सूर्य · 01:19 – 02:27 शुक्र · 02:27 – 03:35 बुध · 03:35 – 04:43 चंद्र · 04:43 – 05:51 शनि · 05:51 – 06:59

4 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
06:58
08:16
09:35
10:53
12:11
13:29
14:47
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:53
03:35
05:17

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
06:58
08:16
09:35
10:53
12:11
13:29
14:47
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:53
03:35
05:17
05:10 06:04
12:19 13:58
12:11 13:29
08:16 09:35
10:53 12:11
02:30 04:08

दिन के घंटे

12 · 52 मि
06:58
07:50
08:43
09:35
10:27
11:19
12:11
13:03
13:55
14:47
15:39
16:31

रात के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:47
21:55
23:03
00:11
01:19
02:27
03:35
04:43
05:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 दिसंबर 2024 की तिथि क्या है?
4 दिसंबर 2024 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
4 दिसंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
4 दिसंबर 2024 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग गण्ड है।
4 दिसंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:58 पर तथा सूर्यास्त 17:23 पर होगा।
4 दिसंबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:11–13:29 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।