Skip to main content

मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। अष्टमी तिथि 07:27 बजे तक, फिर नवमी 09:59 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 07:54 बजे तक, उसके बाद अनुराधा 10:52 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 01:40 (कल) बजे तक, फिर व्याघात योग 02:28 (कल) बजे तक। कौलव करण 07:27 बजे तक, उसके बाद तैतिल 20:43 बजे तक, फिर गर 09:59 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:21 से 16:44) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन05:01उसी दिन07:27

    • कृष्ण नवमी

      उसी दिन07:27अगले दिन09:59

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा

      पिछले दिन05:02उसी दिन07:54

    • अनुराधा

      उसी दिन07:54अगले दिन10:52

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • ध्रुव

      उसी दिन00:50अगले दिन01:40

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन18:12उसी दिन07:27

    • तैतिल

      उसी दिन07:27उसी दिन20:43

    • गर

      उसी दिन20:43अगले दिन09:59

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · मंगल

00061218रोग · 07:03 – 08:26उद्वेग · 08:26 – 09:49चल · 09:49 – 11:12लाभ · 11:12 – 12:35अमृत · 12:35 – 13:58काल · 13:58 – 15:21शुभ · 15:21 – 16:44रोग · 16:44 – 18:07लाभ · 18:07 – 19:44उद्वेग · 19:44 – 21:21शुभ · 21:21 – 22:58अमृत · 22:58 – 00:35चल · 00:35 – 02:12रोग · 02:12 – 03:48काल · 03:48 – 05:25लाभ · 05:25 – 07:02रोग · 07:03 – 08:26काल · 08:26 – 09:49लाभ · 09:49 – 11:12उद्योग · 11:12 – 12:35चल · 12:35 – 13:58अमृत · 13:58 – 15:21शून्य · 15:21 – 16:44शुभ · 16:44 – 18:07काल · 18:07 – 19:44शून्य · 19:44 – 21:21रोग · 21:21 – 22:58लाभ · 22:58 – 00:35अमृत · 00:35 – 02:12उद्योग · 02:12 – 03:48चल · 03:48 – 05:25शुभ · 05:25 – 07:02ब्रह्म मुहूर्त · 05:19 – 06:11अभिजित मुहूर्त · 12:13 – 12:57अमृत काल · 22:03 – 23:50राहु काल · 15:21 – 16:44यमगण्ड काल · 09:49 – 11:12गुलिक काल · 12:35 – 13:58वर्ज्यम् · 11:18 – 13:05मंगल · 07:03 – 07:58सूर्य · 07:58 – 08:54शुक्र · 08:54 – 09:49बुध · 09:49 – 10:44चंद्र · 10:44 – 11:40शनि · 11:40 – 12:35गुरु · 12:35 – 13:30मंगल · 13:30 – 14:26सूर्य · 14:26 – 15:21शुक्र · 15:21 – 16:16बुध · 16:16 – 17:12चंद्र · 17:12 – 18:07शनि · 18:07 – 19:12गुरु · 19:12 – 20:16मंगल · 20:16 – 21:21सूर्य · 21:21 – 22:25शुक्र · 22:25 – 23:30बुध · 23:30 – 00:35चंद्र · 00:35 – 01:39शनि · 01:39 – 02:44गुरु · 02:44 – 03:48मंगल · 03:48 – 04:53सूर्य · 04:53 – 05:58शुक्र · 05:58 – 07:02

10 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 23 मि
07:03
08:26
09:49
11:12
12:35
13:58
15:21
16:44

रात के समय

8·1 घं 37 मि
18:07
19:44
21:21
22:58
00:35
02:12
03:48
05:25

दिन के समय

8·1 घं 23 मि
07:03
08:26
09:49
11:12
12:35
13:58
15:21
16:44

रात के समय

8·1 घं 37 मि
18:07
19:44
21:21
22:58
00:35
02:12
03:48
05:25
05:1906:11
12:1312:57
22:0323:50
15:2116:44
09:4911:12
12:3513:58
11:1813:05

दिन के घंटे

12·55 मि
07:03
07:58
08:54
09:49
10:44
11:40
12:35
13:30
14:26
15:21
16:16
17:12

रात के घंटे

12·1 घं 5 मि
18:07
19:12
20:16
21:21
22:25
23:30
00:35
01:39
02:44
03:48
04:53
05:58

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 फ़रवरी 2026 की तिथि क्या है?
10 फ़रवरी 2026 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
10 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
10 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र विशाखा और योग ध्रुव है।
10 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:03 पर तथा सूर्यास्त 18:07 पर होगा।
10 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:21–16:44 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।