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Kundli GPT

सोमवार, 12 फ़रवरी 2024

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज सोमवार है। तृतीया तिथि 17:44 बजे तक, फिर चतुर्थी 14:42 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 14:56 बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 12:35 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 02:36 (कल) बजे तक, फिर साध्य योग 23:03 (कल) बजे तक। तैतिल करण 07:24 बजे तक, उसके बाद गर 17:44 बजे तक, फिर वणिज 04:10 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:25 से 09:49) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      पिछले दिन 21:09 उसी दिन 17:44

    • शुक्ल चतुर्थी

      उसी दिन 17:44 अगले दिन 14:42

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • माघ · फाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा

      पिछले दिन 17:39 उसी दिन 14:56

    • उत्तर भाद्रपदा

      उसी दिन 14:56 अगले दिन 12:35

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • सिद्ध

      उसी दिन 06:29 अगले दिन 02:36

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 21:09 उसी दिन 07:24

    • गर

      उसी दिन 07:24 उसी दिन 17:44

    • वणिज

      उसी दिन 17:44 अगले दिन 04:10

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · सोम

00 06 12 18 अमृत · 07:02 – 08:25 काल · 08:25 – 09:49 शुभ · 09:49 – 11:12 रोग · 11:12 – 12:35 उद्वेग · 12:35 – 13:58 चल · 13:58 – 15:22 लाभ · 15:22 – 16:45 अमृत · 16:45 – 18:08 चल · 18:08 – 19:45 रोग · 19:45 – 21:21 काल · 21:21 – 22:58 लाभ · 22:58 – 00:35 उद्वेग · 00:35 – 02:11 शुभ · 02:11 – 03:48 अमृत · 03:48 – 05:25 चल · 05:25 – 07:01 चल · 07:02 – 08:25 लाभ · 08:25 – 09:49 शून्य · 09:49 – 11:12 रोग · 11:12 – 12:35 शुभ · 12:35 – 13:58 काल · 13:58 – 15:22 अमृत · 15:22 – 16:45 उद्योग · 16:45 – 18:08 उद्योग · 18:08 – 19:45 अमृत · 19:45 – 21:21 शुभ · 21:21 – 22:58 काल · 22:58 – 00:35 रोग · 00:35 – 02:11 चल · 02:11 – 03:48 लाभ · 03:48 – 05:25 शून्य · 05:25 – 07:01 ब्रह्म मुहूर्त · 05:19 – 06:10 अभिजित मुहूर्त · 12:13 – 12:57 अमृत काल · 07:50 – 09:15 राहु काल · 08:25 – 09:49 यमगण्ड काल · 11:12 – 12:35 गुलिक काल · 13:58 – 15:22 वर्ज्यम् · 23:19 – 00:44 चंद्र · 07:02 – 07:57 शनि · 07:57 – 08:53 गुरु · 08:53 – 09:49 मंगल · 09:49 – 10:44 सूर्य · 10:44 – 11:40 शुक्र · 11:40 – 12:35 बुध · 12:35 – 13:31 चंद्र · 13:31 – 14:26 शनि · 14:26 – 15:22 गुरु · 15:22 – 16:17 मंगल · 16:17 – 17:13 सूर्य · 17:13 – 18:08 शुक्र · 18:08 – 19:13 बुध · 19:13 – 20:17 चंद्र · 20:17 – 21:21 शनि · 21:21 – 22:26 गुरु · 22:26 – 23:30 मंगल · 23:30 – 00:35 सूर्य · 00:35 – 01:39 शुक्र · 01:39 – 02:43 बुध · 02:43 – 03:48 चंद्र · 03:48 – 04:52 शनि · 04:52 – 05:57 गुरु · 05:57 – 07:01

12 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
07:02
08:25
09:49
11:12
12:35
13:58
15:22
16:45

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
18:08
19:45
21:21
22:58
00:35
02:11
03:48
05:25

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
07:02
08:25
09:49
11:12
12:35
13:58
15:22
16:45

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
18:08
19:45
21:21
22:58
00:35
02:11
03:48
05:25
05:19 06:10
12:13 12:57
07:50 09:15
08:25 09:49
11:12 12:35
13:58 15:22
23:19 00:44

दिन के घंटे

12 · 56 मि
07:02
07:57
08:53
09:49
10:44
11:40
12:35
13:31
14:26
15:22
16:17
17:13

रात के घंटे

12 · 1 घं 4 मि
18:08
19:13
20:17
21:21
22:26
23:30
00:35
01:39
02:43
03:48
04:52
05:57

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
12 फ़रवरी 2024 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
12 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
12 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग सिद्ध है।
12 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:02 पर तथा सूर्यास्त 18:08 पर होगा।
12 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 08:25–09:49 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।