मुख्य सामग्री पर जाएँ

बुधवार, 14 फ़रवरी 2024

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। आज वसंत पंचमी है। पंचमी तिथि दोपहर तक है, फिर षष्ठी शुरू होगी। चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में सुबह तक है, फिर अश्विनी में। राहु काल में नया काम न करें, 12:35 से 13:59 बजे तक। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

इस तिथि के पर्व

बुधवार, 14 फ़रवरी

वसंत पंचमी

पूर्वाह्न09:14 – 11:28

सरस्वती पूजन पूर्वाह्न में, पंचमी तिथि रहते किया जाता है।

ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती को समर्पित। विद्यार्थी पुस्तकें और वाद्ययंत्र देवी के सामने रखते हैं; वसंत के आगमन में पीले वस्त्र पहने जाते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 14:42 उसी दिन 12:10 तक

    • फिर

      शुक्ल षष्ठी

      उसी दिन 12:10 अगले दिन 10:13

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती

      पिछले दिन 12:35 उसी दिन 10:42 तक

    • फिर

      अश्विनी

      उसी दिन 10:42 अगले दिन 09:25

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • शुभ

      पिछले दिन 23:03 उसी दिन 19:57 तक

    • फिर

      शुक्ल

      उसी दिन 19:57 अगले दिन 17:21

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      उसी दिन 01:22 उसी दिन 12:10 तक

    • फिर

      कौलव

      उसी दिन 12:10 उसी दिन 23:07

    • फिर

      तैतिल

      उसी दिन 23:07 अगले दिन 10:13

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · बुध

00061218लाभ · 07:00 – 08:24अमृत · 08:24 – 09:48काल · 09:48 – 11:11शुभ · 11:11 – 12:35रोग · 12:35 – 13:59उद्वेग · 13:59 – 15:22चल · 15:22 – 16:46लाभ · 16:46 – 18:10उद्वेग · 18:10 – 19:46शुभ · 19:46 – 21:22अमृत · 21:22 – 22:58चल · 22:58 – 00:35रोग · 00:35 – 02:11काल · 02:11 – 03:47लाभ · 03:47 – 05:23उद्वेग · 05:23 – 07:00लाभ · 07:00 – 08:24शुभ · 08:24 – 09:48अमृत · 09:48 – 11:11चल · 11:11 – 12:35उद्योग · 12:35 – 13:59शून्य · 13:59 – 15:22रोग · 15:22 – 16:46काल · 16:46 – 18:10शून्य · 18:10 – 19:46रोग · 19:46 – 21:22काल · 21:22 – 22:58शुभ · 22:58 – 00:35चल · 00:35 – 02:11अमृत · 02:11 – 03:47उद्योग · 03:47 – 05:23लाभ · 05:23 – 07:00ब्रह्म मुहूर्त · 05:18 – 06:09अमृत काल · 08:30 – 09:58राहु काल · 12:35 – 13:59यमगण्ड काल · 08:24 – 09:48गुलिक काल · 11:11 – 12:35वर्ज्यम् · 23:39 – 01:07बुध · 07:00 – 07:56चंद्र · 07:56 – 08:52शनि · 08:52 – 09:48गुरु · 09:48 – 10:43मंगल · 10:43 – 11:39सूर्य · 11:39 – 12:35शुक्र · 12:35 – 13:31बुध · 13:31 – 14:27चंद्र · 14:27 – 15:22शनि · 15:22 – 16:18गुरु · 16:18 – 17:14मंगल · 17:14 – 18:10सूर्य · 18:10 – 19:14शुक्र · 19:14 – 20:18बुध · 20:18 – 21:22चंद्र · 21:22 – 22:26शनि · 22:26 – 23:30गुरु · 23:30 – 00:35मंगल · 00:35 – 01:39सूर्य · 01:39 – 02:43शुक्र · 02:43 – 03:47बुध · 03:47 – 04:51चंद्र · 04:51 – 05:55शनि · 05:55 – 07:00

14 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 24 मि
07:00
08:24
09:48
11:11
12:35
13:59
15:22
16:46

रात के समय

8·1 घं 36 मि
18:10
19:46
21:22
22:58
00:35
02:11
03:47
05:23

दिन के समय

8·1 घं 24 मि
07:00
08:24
09:48
11:11
12:35
13:59
15:22
16:46

रात के समय

8·1 घं 36 मि
18:10
19:46
21:22
22:58
00:35
02:11
03:47
05:23
05:18→06:09
08:30→09:58
12:35→13:59
08:24→09:48
11:11→12:35
23:39→01:07

दिन के घंटे

12·56 मि
07:00
07:56
08:52
09:48
10:43
11:39
12:35
13:31
14:27
15:22
16:18
17:14

रात के घंटे

12·1 घं 4 मि
18:10
19:14
20:18
21:22
22:26
23:30
00:35
01:39
02:43
03:47
04:51
05:55

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
14 फ़रवरी 2024 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
14 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
14 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र रेवती और योग शुभ है।
14 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:00 पर तथा सूर्यास्त 18:10 पर होगा।
14 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:35–13:59 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।