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रविवार, 15 फ़रवरी 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज रविवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। आज महाशिवरात्रि है। त्रयोदशी तिथि शाम तक है, फिर चतुर्दशी शुरू होगी। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में रात तक है, फिर श्रवण में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:13 से 12:57 बजे तक, और राहु काल में न करें, 16:47 से 18:11 बजे तक। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

इस तिथि के पर्व

रविवार, 15 फ़रवरी

महाशिवरात्रि

महा शिवरात्रि

निशीथ काल00:09 – 01:00

जागरण रात भर चलता है; मुख्य पूजा निशीथ काल — मध्यरात्रि — में होती है। चार प्रहर की पूजा सूर्यास्त के बाद आरंभ होती है।

शिव की महा रात्रि। भक्त उपवास रखते हैं, रात भर जागरण करते हैं, और शिवलिंग पर बेलपत्र व जल अर्पित करते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      पिछले दिन 16:02 उसी दिन 17:05 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्दशी

      उसी दिन 17:05 अगले दिन 17:34

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा

      पिछले दिन 18:15 उसी दिन 19:47 तक

    • फिर

      श्रवण

      उसी दिन 19:47 अगले दिन 20:47

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • व्यतीपात

      उसी दिन 03:16 अगले दिन 02:45 तक

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • वणिज

      उसी दिन 04:37 उसी दिन 17:05 तक

    • फिर

      विष्टि

      उसी दिन 17:05 अगले दिन 05:24

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · रवि

00061218उद्वेग · 06:59 – 08:23चल · 08:23 – 09:47लाभ · 09:47 – 11:11अमृत · 11:11 – 12:35काल · 12:35 – 13:59शुभ · 13:59 – 15:23रोग · 15:23 – 16:47उद्वेग · 16:47 – 18:11शुभ · 18:11 – 19:47अमृत · 19:47 – 21:23चल · 21:23 – 22:59रोग · 22:59 – 00:35काल · 00:35 – 02:10लाभ · 02:10 – 03:46उद्वेग · 03:46 – 05:22शुभ · 05:22 – 06:58उद्योग · 06:59 – 08:23अमृत · 08:23 – 09:47काल · 09:47 – 11:11शुभ · 11:11 – 12:35रोग · 12:35 – 13:59शून्य · 13:59 – 15:23लाभ · 15:23 – 16:47चल · 16:47 – 18:11शून्य · 18:11 – 19:47लाभ · 19:47 – 21:23चल · 21:23 – 22:59रोग · 22:59 – 00:35काल · 00:35 – 02:10शुभ · 02:10 – 03:46अमृत · 03:46 – 05:22उद्योग · 05:22 – 06:58ब्रह्म मुहूर्त · 05:17 – 06:08अभिजित मुहूर्त · 12:13 – 12:57अमृत काल · 12:59 – 14:41राहु काल · 16:47 – 18:11यमगण्ड काल · 12:35 – 13:59गुलिक काल · 15:23 – 16:47वर्ज्यम् · 02:46 – 04:28सूर्य · 06:59 – 07:55शुक्र · 07:55 – 08:51बुध · 08:51 – 09:47चंद्र · 09:47 – 10:43शनि · 10:43 – 11:39गुरु · 11:39 – 12:35मंगल · 12:35 – 13:31सूर्य · 13:31 – 14:27शुक्र · 14:27 – 15:23बुध · 15:23 – 16:19चंद्र · 16:19 – 17:15शनि · 17:15 – 18:11गुरु · 18:11 – 19:15मंगल · 19:15 – 20:19सूर्य · 20:19 – 21:23शुक्र · 21:23 – 22:27बुध · 22:27 – 23:31चंद्र · 23:31 – 00:35शनि · 00:35 – 01:38गुरु · 01:38 – 02:42मंगल · 02:42 – 03:46सूर्य · 03:46 – 04:50शुक्र · 04:50 – 05:54बुध · 05:54 – 06:58

15 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 24 मि
06:59
08:23
09:47
11:11
12:35
13:59
15:23
16:47

रात के समय

8·1 घं 36 मि
18:11
19:47
21:23
22:59
00:35
02:10
03:46
05:22

दिन के समय

8·1 घं 24 मि
06:59
08:23
09:47
11:11
12:35
13:59
15:23
16:47

रात के समय

8·1 घं 36 मि
18:11
19:47
21:23
22:59
00:35
02:10
03:46
05:22
05:17→06:08
12:13→12:57
12:59→14:41
16:47→18:11
12:35→13:59
15:23→16:47
02:46→04:28

दिन के घंटे

12·56 मि
06:59
07:55
08:51
09:47
10:43
11:39
12:35
13:31
14:27
15:23
16:19
17:15

रात के घंटे

12·1 घं 4 मि
18:11
19:15
20:19
21:23
22:27
23:31
00:35
01:38
02:42
03:46
04:50
05:54

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 फ़रवरी 2026 की तिथि क्या है?
15 फ़रवरी 2026 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
15 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
15 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग व्यतीपात है।
15 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:59 पर तथा सूर्यास्त 18:11 पर होगा।
15 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:47–18:11 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।