रविवार, 15 फ़रवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। त्रयोदशी तिथि 17:05 बजे तक, फिर चतुर्दशी 17:34 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 19:47 बजे तक, उसके बाद श्रवण 20:47 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 02:45 (कल) बजे तक, फिर वरीयान् योग 01:48 (कल) बजे तक। वणिज करण 17:05 बजे तक, उसके बाद विष्टि 05:24 (कल) बजे तक, फिर शकुनि 17:34 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:47 से 18:11) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण त्रयोदशी
पिछले दिन16:02उसी दिन17:05
कृष्ण चतुर्दशी
उसी दिन17:05अगले दिन17:34
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर आषाढ़ा
पिछले दिन18:15उसी दिन19:47
श्रवण
उसी दिन19:47अगले दिन20:47
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
व्यतीपात
उसी दिन03:16अगले दिन02:45
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
वणिज
उसी दिन04:37उसी दिन17:05
विष्टि
उसी दिन17:05अगले दिन05:24
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण त्रयोदशी · रवि
15 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 24 मि| 06:5908:23 | ||
| 08:2309:47 | ||
| 09:4711:11 | ||
| 11:1112:35 | ||
| 12:3513:59 | ||
| 13:5915:23 | ||
| 15:2316:47 | ||
| 16:4718:11 |
रात के समय
8·1 घं 36 मि| 18:1119:47 | ||
| 19:4721:23 | ||
| 21:2322:59 | ||
| 22:5900:35 | ||
| 00:3502:10 | ||
| 02:1003:46 | ||
| 03:4605:22 | ||
| 05:2206:58 |
दिन के समय
8·1 घं 24 मि| 06:5908:23 | ||
| 08:2309:47 | ||
| 09:4711:11 | ||
| 11:1112:35 | ||
| 12:3513:59 | ||
| 13:5915:23 | ||
| 15:2316:47 | ||
| 16:4718:11 |
रात के समय
8·1 घं 36 मि| 18:1119:47 | ||
| 19:4721:23 | ||
| 21:2322:59 | ||
| 22:5900:35 | ||
| 00:3502:10 | ||
| 02:1003:46 | ||
| 03:4605:22 | ||
| 05:2206:58 |
| 05:17→06:08 | ||
| 12:13→12:57 | ||
| 12:59→14:41 | ||
| 16:47→18:11 | ||
| 12:35→13:59 | ||
| 15:23→16:47 | ||
| 02:46→04:28 |
दिन के घंटे
12·56 मि| 06:5907:55 | ||
| 07:5508:51 | ||
| 08:5109:47 | ||
| 09:4710:43 | ||
| 10:4311:39 | ||
| 11:3912:35 | ||
| 12:3513:31 | ||
| 13:3114:27 | ||
| 14:2715:23 | ||
| 15:2316:19 | ||
| 16:1917:15 | ||
| 17:1518:11 |
रात के घंटे
12·1 घं 4 मि| 18:1119:15 | ||
| 19:1520:19 | ||
| 20:1921:23 | ||
| 21:2322:27 | ||
| 22:2723:31 | ||
| 23:3100:35 | ||
| 00:3501:38 | ||
| 01:3802:42 | ||
| 02:4203:46 | ||
| 03:4604:50 | ||
| 04:5005:54 | ||
| 05:5406:58 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 15 फ़रवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 15 फ़रवरी 2026 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
- 15 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 15 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग व्यतीपात है।
- 15 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:59 पर तथा सूर्यास्त 18:11 पर होगा।
- 15 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:47–18:11 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

