मंगलवार, 16 फ़रवरी 2027
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। दशमी तिथि 20:19 बजे तक, फिर एकादशी 17:32 (कल) बजे तक रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र 01:37 (कल) बजे तक, उसके बाद आर्द्रा 23:28 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 09:32 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 06:12 (कल) बजे तक। तैतिल करण 09:35 बजे तक, उसके बाद गर 20:19 बजे तक, फिर वणिज 06:58 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:23 से 16:47) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल दशमी
पिछले दिन22:44उसी दिन20:19
जया एकादशी
उसी दिन20:19अगले दिन17:32
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
मृगशिरा · पाद 1
उसी दिन03:25अगले दिन01:37
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
वैधृति
पिछले दिन12:31उसी दिन09:32
विष्कुम्भ
उसी दिन09:32अगले दिन06:12
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
पिछले दिन22:44उसी दिन09:35
गर
उसी दिन09:35उसी दिन20:19
वणिज
उसी दिन20:19अगले दिन06:58
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल दशमी · मंगल
16 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 24 मि| 06:5908:23 | ||
| 08:2309:47 | ||
| 09:4711:11 | ||
| 11:1112:35 | ||
| 12:3513:59 | ||
| 13:5915:23 | ||
| 15:2316:47 | ||
| 16:4718:11 |
रात के समय
8·1 घं 36 मि| 18:1119:47 | ||
| 19:4721:23 | ||
| 21:2322:59 | ||
| 22:5900:34 | ||
| 00:3402:10 | ||
| 02:1003:46 | ||
| 03:4605:22 | ||
| 05:2206:58 |
दिन के समय
8·1 घं 24 मि| 06:5908:23 | ||
| 08:2309:47 | ||
| 09:4711:11 | ||
| 11:1112:35 | ||
| 12:3513:59 | ||
| 13:5915:23 | ||
| 15:2316:47 | ||
| 16:4718:11 |
रात के समय
8·1 घं 36 मि| 18:1119:47 | ||
| 19:4721:23 | ||
| 21:2322:59 | ||
| 22:5900:34 | ||
| 00:3402:10 | ||
| 02:1003:46 | ||
| 03:4605:22 | ||
| 05:2206:58 |
| 05:16→06:07 | ||
| 12:12→12:57 | ||
| 17:28→18:57 | ||
| 15:23→16:47 | ||
| 09:47→11:11 | ||
| 12:35→13:59 | ||
| 08:35→10:04 |
दिन के घंटे
12·56 मि| 06:5907:55 | ||
| 07:5508:51 | ||
| 08:5109:47 | ||
| 09:4710:43 | ||
| 10:4311:39 | ||
| 11:3912:35 | ||
| 12:3513:31 | ||
| 13:3114:27 | ||
| 14:2715:23 | ||
| 15:2316:19 | ||
| 16:1917:15 | ||
| 17:1518:11 |
रात के घंटे
12·1 घं 4 मि| 18:1119:15 | ||
| 19:1520:19 | ||
| 20:1921:23 | ||
| 21:2322:27 | ||
| 22:2723:31 | ||
| 23:3100:34 | ||
| 00:3401:38 | ||
| 01:3802:42 | ||
| 02:4203:46 | ||
| 03:4604:50 | ||
| 04:5005:54 | ||
| 05:5406:58 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 16 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
- 16 फ़रवरी 2027 की तिथि शुक्ल दशमी है।
- 16 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 16 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र मृगशिरा और योग वैधृति है।
- 16 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:59 पर तथा सूर्यास्त 18:11 पर होगा।
- 16 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:23–16:47 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

