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Kundli GPT

गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है। द्वादशी तिथि 14:28 बजे तक, फिर त्रयोदशी 11:14 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 21:05 बजे तक, उसके बाद पुष्य 18:35 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग आयुष्मान् 22:49 बजे तक, फिर सौभाग्य योग 18:57 (कल) बजे तक। बालव करण 14:28 बजे तक, उसके बाद कौलव 00:52 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 11:14 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:59 से 15:24) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वादशी

      पिछले दिन 17:32 उसी दिन 14:28

    • शुक्ल त्रयोदशी

      उसी दिन 14:28 अगले दिन 11:14

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • फाल्गुन · चैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु

      पिछले दिन 23:28 उसी दिन 21:05

    • पुष्य

      उसी दिन 21:05 अगले दिन 18:35

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • आयुष्मान्

      उसी दिन 02:36 उसी दिन 22:49

    • सौभाग्य

      उसी दिन 22:49 अगले दिन 18:57

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      उसी दिन 04:01 उसी दिन 14:28

    • कौलव

      उसी दिन 14:28 अगले दिन 00:52

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वादशी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:57 – 08:21 रोग · 08:21 – 09:46 उद्वेग · 09:46 – 11:10 चल · 11:10 – 12:35 लाभ · 12:35 – 13:59 अमृत · 13:59 – 15:24 काल · 15:24 – 16:48 शुभ · 16:48 – 18:13 अमृत · 18:13 – 19:48 चल · 19:48 – 21:24 रोग · 21:24 – 22:59 काल · 22:59 – 00:34 लाभ · 00:34 – 02:10 उद्वेग · 02:10 – 03:45 शुभ · 03:45 – 05:21 अमृत · 05:21 – 06:56 शुभ · 06:57 – 08:21 रोग · 08:21 – 09:46 शून्य · 09:46 – 11:10 लाभ · 11:10 – 12:35 काल · 12:35 – 13:59 चल · 13:59 – 15:24 उद्योग · 15:24 – 16:48 अमृत · 16:48 – 18:13 लाभ · 18:13 – 19:48 चल · 19:48 – 21:24 शुभ · 21:24 – 22:59 उद्योग · 22:59 – 00:34 अमृत · 00:34 – 02:10 शून्य · 02:10 – 03:45 रोग · 03:45 – 05:21 काल · 05:21 – 06:56 ब्रह्म मुहूर्त · 05:15 – 06:06 अभिजित मुहूर्त · 12:12 – 12:57 अमृत काल · 18:55 – 20:21 राहु काल · 13:59 – 15:24 यमगण्ड काल · 06:57 – 08:21 गुलिक काल · 09:46 – 11:10 वर्ज्यम् · 10:16 – 11:43 गुरु · 06:57 – 07:53 मंगल · 07:53 – 08:49 सूर्य · 08:49 – 09:46 शुक्र · 09:46 – 10:42 बुध · 10:42 – 11:38 चंद्र · 11:38 – 12:35 शनि · 12:35 – 13:31 गुरु · 13:31 – 14:27 मंगल · 14:27 – 15:24 सूर्य · 15:24 – 16:20 शुक्र · 16:20 – 17:16 बुध · 17:16 – 18:13 चंद्र · 18:13 – 19:16 शनि · 19:16 – 20:20 गुरु · 20:20 – 21:24 मंगल · 21:24 – 22:27 सूर्य · 22:27 – 23:31 शुक्र · 23:31 – 00:34 बुध · 00:34 – 01:38 चंद्र · 01:38 – 02:42 शनि · 02:42 – 03:45 गुरु · 03:45 – 04:49 मंगल · 04:49 – 05:52 सूर्य · 05:52 – 06:56

18 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 24 मि
06:57
08:21
09:46
11:10
12:35
13:59
15:24
16:48

रात के समय

8 · 1 घं 35 मि
18:13
19:48
21:24
22:59
00:34
02:10
03:45
05:21

दिन के समय

8 · 1 घं 24 मि
06:57
08:21
09:46
11:10
12:35
13:59
15:24
16:48

रात के समय

8 · 1 घं 35 मि
18:13
19:48
21:24
22:59
00:34
02:10
03:45
05:21
05:15 06:06
12:12 12:57
18:55 20:21
13:59 15:24
06:57 08:21
09:46 11:10
10:16 11:43

दिन के घंटे

12 · 56 मि
06:57
07:53
08:49
09:46
10:42
11:38
12:35
13:31
14:27
15:24
16:20
17:16

रात के घंटे

12 · 1 घं 4 मि
18:13
19:16
20:20
21:24
22:27
23:31
00:34
01:38
02:42
03:45
04:49
05:52

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
18 फ़रवरी 2027 की तिथि शुक्ल द्वादशी है।
18 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
18 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग आयुष्मान् है।
18 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:57 पर तथा सूर्यास्त 18:13 पर होगा।
18 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:59–15:24 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।