गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। द्वितीया तिथि 15:59 बजे तक, फिर तृतीया 14:38 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 20:51 बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 20:06 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 20:41 बजे तक, फिर साध्य योग 18:22 (कल) बजे तक। कौलव करण 15:59 बजे तक, उसके बाद तैतिल 03:21 (कल) बजे तक, फिर गर 14:38 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:59 से 15:24) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल द्वितीया
पिछले दिन16:58उसी दिन15:59
शुक्ल तृतीया
उसी दिन15:59अगले दिन14:38
द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व भाद्रपदा
पिछले दिन21:15उसी दिन20:51
उत्तर भाद्रपदा
उसी दिन20:51अगले दिन20:06
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
सिद्ध
पिछले दिन22:44उसी दिन20:41
साध्य
उसी दिन20:41अगले दिन18:22
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
उसी दिन04:31उसी दिन15:59
तैतिल
उसी दिन15:59अगले दिन03:21
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल द्वितीया · गुरु
19 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:5608:20 | ||
| 08:2009:45 | ||
| 09:4511:10 | ||
| 11:1012:35 | ||
| 12:3513:59 | ||
| 13:5915:24 | ||
| 15:2416:49 | ||
| 16:4918:14 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 18:1419:49 | ||
| 19:4921:24 | ||
| 21:2422:59 | ||
| 22:5900:34 | ||
| 00:3402:09 | ||
| 02:0903:44 | ||
| 03:4405:20 | ||
| 05:2006:55 |
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:5608:20 | ||
| 08:2009:45 | ||
| 09:4511:10 | ||
| 11:1012:35 | ||
| 12:3513:59 | ||
| 13:5915:24 | ||
| 15:2416:49 | ||
| 16:4918:14 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 18:1419:49 | ||
| 19:4921:24 | ||
| 21:2422:59 | ||
| 22:5900:34 | ||
| 00:3402:09 | ||
| 02:0903:44 | ||
| 03:4405:20 | ||
| 05:2006:55 |
| 05:14→06:05 | ||
| 12:12→12:57 | ||
| 12:59→14:33 | ||
| 13:59→15:24 | ||
| 06:56→08:20 | ||
| 09:45→11:10 | ||
| 03:33→05:07 |
दिन के घंटे
12·56 मि| 06:5607:52 | ||
| 07:5208:49 | ||
| 08:4909:45 | ||
| 09:4510:42 | ||
| 10:4211:38 | ||
| 11:3812:35 | ||
| 12:3513:31 | ||
| 13:3114:28 | ||
| 14:2815:24 | ||
| 15:2416:21 | ||
| 16:2117:17 | ||
| 17:1718:14 |
रात के घंटे
12·1 घं 3 मि| 18:1419:17 | ||
| 19:1720:20 | ||
| 20:2021:24 | ||
| 21:2422:27 | ||
| 22:2723:31 | ||
| 23:3100:34 | ||
| 00:3401:38 | ||
| 01:3802:41 | ||
| 02:4103:44 | ||
| 03:4404:48 | ||
| 04:4805:51 | ||
| 05:5106:55 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 19 फ़रवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 19 फ़रवरी 2026 की तिथि शुक्ल द्वितीया है।
- 19 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 19 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग सिद्ध है।
- 19 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:56 पर तथा सूर्यास्त 18:14 पर होगा।
- 19 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:59–15:24 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

