Skip to main content
Kundli GPT

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। एकादशी तिथि 11:10 बजे तक, फिर द्वादशी 13:50 (कल) बजे तक रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र 09:20 बजे तक, उसके बाद मूल 12:25 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 17:45 बजे तक, फिर हर्षण योग 18:43 (कल) बजे तक। बालव करण 11:10 बजे तक, उसके बाद कौलव 00:29 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 13:50 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:17 से 16:39) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • विजया एकादशी

      पिछले दिन 08:41 उसी दिन 11:10

    • कृष्ण द्वादशी

      उसी दिन 11:10 अगले दिन 13:50

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • माघ · फाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन 06:27 उसी दिन 09:20

    • मूल

      उसी दिन 09:20 अगले दिन 12:25

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • व्याघात

      पिछले दिन 16:54 उसी दिन 17:45

    • हर्षण

      उसी दिन 17:45 अगले दिन 18:43

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 21:54 उसी दिन 11:10

    • कौलव

      उसी दिन 11:10 अगले दिन 00:29

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 07:08 – 08:30 उद्वेग · 08:30 – 09:51 चल · 09:51 – 11:13 लाभ · 11:13 – 12:34 अमृत · 12:34 – 13:56 काल · 13:56 – 15:17 शुभ · 15:17 – 16:39 रोग · 16:39 – 18:00 लाभ · 18:00 – 19:39 उद्वेग · 19:39 – 21:17 शुभ · 21:17 – 22:56 अमृत · 22:56 – 00:34 चल · 00:34 – 02:13 रोग · 02:13 – 03:51 काल · 03:51 – 05:29 लाभ · 05:29 – 07:08 रोग · 07:08 – 08:30 काल · 08:30 – 09:51 लाभ · 09:51 – 11:13 उद्योग · 11:13 – 12:34 चल · 12:34 – 13:56 अमृत · 13:56 – 15:17 शून्य · 15:17 – 16:39 शुभ · 16:39 – 18:00 काल · 18:00 – 19:39 शून्य · 19:39 – 21:17 रोग · 21:17 – 22:56 लाभ · 22:56 – 00:34 अमृत · 00:34 – 02:13 उद्योग · 02:13 – 03:51 चल · 03:51 – 05:29 शुभ · 05:29 – 07:08 ब्रह्म मुहूर्त · 05:23 – 06:16 अभिजित मुहूर्त · 12:13 – 12:56 अमृत काल · 23:29 – 01:16 राहु काल · 15:17 – 16:39 यमगण्ड काल · 09:51 – 11:13 गुलिक काल · 12:34 – 13:56 वर्ज्यम् · 12:43 – 14:31 मंगल · 07:08 – 08:03 सूर्य · 08:03 – 08:57 शुक्र · 08:57 – 09:51 बुध · 09:51 – 10:46 चंद्र · 10:46 – 11:40 शनि · 11:40 – 12:34 गुरु · 12:34 – 13:29 मंगल · 13:29 – 14:23 सूर्य · 14:23 – 15:17 शुक्र · 15:17 – 16:12 बुध · 16:12 – 17:06 चंद्र · 17:06 – 18:00 शनि · 18:00 – 19:06 गुरु · 19:06 – 20:12 मंगल · 20:12 – 21:17 सूर्य · 21:17 – 22:23 शुक्र · 22:23 – 23:29 बुध · 23:29 – 00:34 चंद्र · 00:34 – 01:40 शनि · 01:40 – 02:45 गुरु · 02:45 – 03:51 मंगल · 03:51 – 04:57 सूर्य · 04:57 – 06:02 शुक्र · 06:02 – 07:08

2 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 21 मि
07:08
08:30
09:51
11:13
12:34
13:56
15:17
16:39

रात के समय

8 · 1 घं 38 मि
18:00
19:39
21:17
22:56
00:34
02:13
03:51
05:29

दिन के समय

8 · 1 घं 21 मि
07:08
08:30
09:51
11:13
12:34
13:56
15:17
16:39

रात के समय

8 · 1 घं 38 मि
18:00
19:39
21:17
22:56
00:34
02:13
03:51
05:29
05:23 06:16
12:13 12:56
23:29 01:16
15:17 16:39
09:51 11:13
12:34 13:56
12:43 14:31

दिन के घंटे

12 · 54 मि
07:08
08:03
08:57
09:51
10:46
11:40
12:34
13:29
14:23
15:17
16:12
17:06

रात के घंटे

12 · 1 घं 6 मि
18:00
19:06
20:12
21:17
22:23
23:29
00:34
01:40
02:45
03:51
04:57
06:02

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
2 फ़रवरी 2027 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
2 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
2 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग व्याघात है।
2 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:08 पर तथा सूर्यास्त 18:00 पर होगा।
2 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:17–16:39 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।