गुरुवार, 22 फ़रवरी 2024
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। त्रयोदशी तिथि 13:22 बजे तक, फिर चतुर्दशी 15:34 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 16:42 बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 19:25 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 12:11 बजे तक, फिर शोभन योग 12:46 (कल) बजे तक। तैतिल करण 13:22 बजे तक, उसके बाद गर 02:26 (कल) बजे तक, फिर वणिज 15:34 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:00 से 15:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल त्रयोदशी
पिछले दिन11:28उसी दिन13:22
शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन13:22अगले दिन15:34
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
पुष्य
पिछले दिन14:17उसी दिन16:42
आश्लेषा
उसी दिन16:42अगले दिन19:25
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
सौभाग्य
पिछले दिन11:49उसी दिन12:11
शोभन
उसी दिन12:11अगले दिन12:46
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
तैतिल
उसी दिन00:22उसी दिन13:22
गर
उसी दिन13:22अगले दिन02:26
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · गुरु
22 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:5308:19 | ||
| 08:1909:44 | ||
| 09:4411:09 | ||
| 11:0912:34 | ||
| 12:3414:00 | ||
| 14:0015:25 | ||
| 15:2516:50 | ||
| 16:5018:15 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 18:1519:50 | ||
| 19:5021:25 | ||
| 21:2522:59 | ||
| 22:5900:34 | ||
| 00:3402:09 | ||
| 02:0903:43 | ||
| 03:4305:18 | ||
| 05:1806:52 |
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:5308:19 | ||
| 08:1909:44 | ||
| 09:4411:09 | ||
| 11:0912:34 | ||
| 12:3414:00 | ||
| 14:0015:25 | ||
| 15:2516:50 | ||
| 16:5018:15 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 18:1519:50 | ||
| 19:5021:25 | ||
| 21:2522:59 | ||
| 22:5900:34 | ||
| 00:3402:09 | ||
| 02:0903:43 | ||
| 03:4305:18 | ||
| 05:1806:52 |
| 05:12→06:03 | ||
| 12:12→12:57 | ||
| 09:40→11:25 | ||
| 14:00→15:25 | ||
| 06:53→08:19 | ||
| 09:44→11:09 | ||
| 23:05→00:51 |
दिन के घंटे
12·57 मि| 06:5307:50 | ||
| 07:5008:47 | ||
| 08:4709:44 | ||
| 09:4410:41 | ||
| 10:4111:38 | ||
| 11:3812:34 | ||
| 12:3413:31 | ||
| 13:3114:28 | ||
| 14:2815:25 | ||
| 15:2516:22 | ||
| 16:2217:19 | ||
| 17:1918:15 |
रात के घंटे
12·1 घं 3 मि| 18:1519:18 | ||
| 19:1820:22 | ||
| 20:2221:25 | ||
| 21:2522:28 | ||
| 22:2823:31 | ||
| 23:3100:34 | ||
| 00:3401:37 | ||
| 01:3702:40 | ||
| 02:4003:43 | ||
| 03:4304:46 | ||
| 04:4605:49 | ||
| 05:4906:52 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
- 22 फ़रवरी 2024 की तिथि शुक्ल त्रयोदशी है।
- 22 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 22 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र पुष्य और योग सौभाग्य है।
- 22 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:53 पर तथा सूर्यास्त 18:15 पर होगा।
- 22 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:00–15:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

