मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। सप्तमी तिथि 07:02 बजे तक, फिर अष्टमी 04:52 (कल) बजे तक रहेगी। कृत्तिका नक्षत्र 15:06 बजे तक, उसके बाद रोहिणी 13:38 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 07:22 बजे तक, फिर वैधृति योग 04:25 (कल) बजे तक। वणिज करण 07:02 बजे तक, उसके बाद विष्टि 17:57 बजे तक, फिर बव 04:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:26 से 16:51) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल सप्तमी
पिछले दिन09:09उसी दिन07:02
शुक्ल अष्टमी
उसी दिन07:02अगले दिन04:52
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
कृत्तिका
पिछले दिन16:33उसी दिन15:06
रोहिणी
उसी दिन15:06अगले दिन13:38
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
ऐन्द्र
पिछले दिन10:17उसी दिन07:22
वैधृति
उसी दिन07:22अगले दिन04:25
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
वणिज
पिछले दिन20:06उसी दिन07:02
विष्टि
उसी दिन07:02उसी दिन17:57
बव
उसी दिन17:57अगले दिन04:52
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल सप्तमी · मंगल
24 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 26 मि| 06:5108:17 | ||
| 08:1709:43 | ||
| 09:4311:08 | ||
| 11:0812:34 | ||
| 12:3414:00 | ||
| 14:0015:26 | ||
| 15:2616:51 | ||
| 16:5118:17 |
रात के समय
8·1 घं 34 मि| 18:1719:51 | ||
| 19:5121:25 | ||
| 21:2522:59 | ||
| 22:5900:34 | ||
| 00:3402:08 | ||
| 02:0803:42 | ||
| 03:4205:16 | ||
| 05:1606:50 |
दिन के समय
8·1 घं 26 मि| 06:5108:17 | ||
| 08:1709:43 | ||
| 09:4311:08 | ||
| 11:0812:34 | ||
| 12:3414:00 | ||
| 14:0015:26 | ||
| 15:2616:51 | ||
| 16:5118:17 |
रात के समय
8·1 घं 34 मि| 18:1719:51 | ||
| 19:5121:25 | ||
| 21:2522:59 | ||
| 22:5900:34 | ||
| 00:3402:08 | ||
| 02:0803:42 | ||
| 03:4205:16 | ||
| 05:1606:50 |
| 05:10→06:01 | ||
| 12:11→12:57 | ||
| 12:51→14:21 | ||
| 15:26→16:51 | ||
| 09:43→11:08 | ||
| 12:34→14:00 | ||
| 03:49→05:20 |
दिन के घंटे
12·57 मि| 06:5107:48 | ||
| 07:4808:45 | ||
| 08:4509:43 | ||
| 09:4310:40 | ||
| 10:4011:37 | ||
| 11:3712:34 | ||
| 12:3413:31 | ||
| 13:3114:28 | ||
| 14:2815:26 | ||
| 15:2616:23 | ||
| 16:2317:20 | ||
| 17:2018:17 |
रात के घंटे
12·1 घं 3 मि| 18:1719:20 | ||
| 19:2020:23 | ||
| 20:2321:25 | ||
| 21:2522:28 | ||
| 22:2823:31 | ||
| 23:3100:34 | ||
| 00:3401:36 | ||
| 01:3602:39 | ||
| 02:3903:42 | ||
| 03:4204:45 | ||
| 04:4505:47 | ||
| 05:4706:50 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 24 फ़रवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 24 फ़रवरी 2026 की तिथि शुक्ल सप्तमी है।
- 24 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 24 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र कृत्तिका और योग ऐन्द्र है।
- 24 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:51 पर तथा सूर्यास्त 18:17 पर होगा।
- 24 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:26–16:51 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

