सोमवार, 3 फ़रवरी 2025
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। षष्ठी तिथि 04:37 (कल) बजे तक, फिर सप्तमी 02:31 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 23:16 बजे तक, उसके बाद अश्विनी 21:49 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 03:01 (कल) बजे तक, फिर शुभ योग 00:05 (कल) बजे तक। कौलव करण 17:44 बजे तक, उसके बाद तैतिल 04:37 (कल) बजे तक, फिर गर 15:33 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:29 से 09:51) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल षष्ठी
उसी दिन06:53अगले दिन04:37
षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
रेवती
उसी दिन00:51उसी दिन23:16
अश्विनी
उसी दिन23:16अगले दिन21:49
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
साध्य
उसी दिन06:05अगले दिन03:01
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
उसी दिन06:53उसी दिन17:44
तैतिल
उसी दिन17:44अगले दिन04:37
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल षष्ठी · सोम
3 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 22 मि| 07:0808:29 | ||
| 08:2909:51 | ||
| 09:5111:13 | ||
| 11:1312:35 | ||
| 12:3513:56 | ||
| 13:5615:18 | ||
| 15:1816:40 | ||
| 16:4018:02 |
रात के समय
8·1 घं 38 मि| 18:0219:40 | ||
| 19:4021:18 | ||
| 21:1822:56 | ||
| 22:5600:34 | ||
| 00:3402:12 | ||
| 02:1203:51 | ||
| 03:5105:29 | ||
| 05:2907:07 |
दिन के समय
8·1 घं 22 मि| 07:0808:29 | ||
| 08:2909:51 | ||
| 09:5111:13 | ||
| 11:1312:35 | ||
| 12:3513:56 | ||
| 13:5615:18 | ||
| 15:1816:40 | ||
| 16:4018:02 |
रात के समय
8·1 घं 38 मि| 18:0219:40 | ||
| 19:4021:18 | ||
| 21:1822:56 | ||
| 22:5600:34 | ||
| 00:3402:12 | ||
| 02:1203:51 | ||
| 03:5105:29 | ||
| 05:2907:07 |
| 05:23→06:15 | ||
| 12:13→12:56 | ||
| 21:01→22:31 | ||
| 08:29→09:51 | ||
| 11:13→12:35 | ||
| 13:56→15:18 | ||
| 12:04→13:33 |
दिन के घंटे
12·55 मि| 07:0808:02 | ||
| 08:0208:57 | ||
| 08:5709:51 | ||
| 09:5110:46 | ||
| 10:4611:40 | ||
| 11:4012:35 | ||
| 12:3513:29 | ||
| 13:2914:24 | ||
| 14:2415:18 | ||
| 15:1816:13 | ||
| 16:1317:07 | ||
| 17:0718:02 |
रात के घंटे
12·1 घं 5 मि| 18:0219:07 | ||
| 19:0720:13 | ||
| 20:1321:18 | ||
| 21:1822:23 | ||
| 22:2323:29 | ||
| 23:2900:34 | ||
| 00:3401:40 | ||
| 01:4002:45 | ||
| 02:4503:51 | ||
| 03:5104:56 | ||
| 04:5606:02 | ||
| 06:0207:07 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 3 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
- 3 फ़रवरी 2025 की तिथि शुक्ल षष्ठी है।
- 3 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 3 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र रेवती और योग साध्य है।
- 3 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:08 पर तथा सूर्यास्त 18:02 पर होगा।
- 3 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:29–09:51 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

