शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। चतुर्दशी तिथि 08:02 बजे तक, फिर अमावस्या 04:29 (कल) बजे तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र 23:28 बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा 20:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 19:05 बजे तक, फिर वरीयान् योग 14:52 (कल) बजे तक। शकुनि करण 08:02 बजे तक, उसके बाद चतुष्पाद 18:17 बजे तक, फिर नाग 04:29 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:12 से 12:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन11:17उसी दिन08:02
अमावस्या
उसी दिन08:02अगले दिन04:29
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
श्रवण
उसी दिन02:13उसी दिन23:28
धनिष्ठा
उसी दिन23:28अगले दिन20:33
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
व्यतीपात
पिछले दिन23:08उसी दिन19:05
वरीयान्
उसी दिन19:05अगले दिन14:52
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
शकुनि
पिछले दिन21:43उसी दिन08:02
चतुष्पाद
उसी दिन08:02उसी दिन18:17
नाग
उसी दिन18:17अगले दिन04:29
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · शुक्र
9 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 23 मि| 07:0408:27 | ||
| 08:2709:50 | ||
| 09:5011:12 | ||
| 11:1212:35 | ||
| 12:3513:58 | ||
| 13:5815:20 | ||
| 15:2016:43 | ||
| 16:4318:06 |
रात के समय
8·1 घं 37 मि| 18:0619:43 | ||
| 19:4321:20 | ||
| 21:2022:57 | ||
| 22:5700:35 | ||
| 00:3502:12 | ||
| 02:1203:49 | ||
| 03:4905:26 | ||
| 05:2607:03 |
दिन के समय
8·1 घं 23 मि| 07:0408:27 | ||
| 08:2709:50 | ||
| 09:5011:12 | ||
| 11:1212:35 | ||
| 12:3513:58 | ||
| 13:5815:20 | ||
| 15:2016:43 | ||
| 16:4318:06 |
रात के समय
8·1 घं 37 मि| 18:0619:43 | ||
| 19:4321:20 | ||
| 21:2022:57 | ||
| 22:5700:35 | ||
| 00:3502:12 | ||
| 02:1203:49 | ||
| 03:4905:26 | ||
| 05:2607:03 |
| 05:20→06:12 | ||
| 12:13→12:57 | ||
| 14:16→15:41 | ||
| 11:12→12:35 | ||
| 15:20→16:43 | ||
| 08:27→09:50 | ||
| 05:46→07:11 |
दिन के घंटे
12·55 मि| 07:0407:59 | ||
| 07:5908:54 | ||
| 08:5409:50 | ||
| 09:5010:45 | ||
| 10:4511:40 | ||
| 11:4012:35 | ||
| 12:3513:30 | ||
| 13:3014:25 | ||
| 14:2515:20 | ||
| 15:2016:16 | ||
| 16:1617:11 | ||
| 17:1118:06 |
रात के घंटे
12·1 घं 5 मि| 18:0619:11 | ||
| 19:1120:15 | ||
| 20:1521:20 | ||
| 21:2022:25 | ||
| 22:2523:30 | ||
| 23:3000:35 | ||
| 00:3501:39 | ||
| 01:3902:44 | ||
| 02:4403:49 | ||
| 03:4904:54 | ||
| 04:5405:59 | ||
| 05:5907:03 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 9 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
- 9 फ़रवरी 2024 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
- 9 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 9 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र श्रवण और योग व्यतीपात है।
- 9 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:04 पर तथा सूर्यास्त 18:06 पर होगा।
- 9 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 11:12–12:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

