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गुरुवार, 11 जनवरी 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज गुरुवार है। अमावस्या तिथि 17:27 बजे तक, फिर प्रतिपदा 14:23 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 17:38 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 15:18 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 17:48 बजे तक, फिर हर्षण योग 14:04 (कल) बजे तक। नाग करण 17:27 बजे तक, उसके बाद किंस्तुघ्न 03:57 (कल) बजे तक, फिर बव 14:23 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:47 से 15:05) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      पिछले दिन20:11उसी दिन17:27

    • शुक्ल प्रतिपदा

      उसी दिन17:27अगले दिन14:23

    पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन19:39उसी दिन17:38

    • उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन17:38अगले दिन15:18

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • व्याघात

      पिछले दिन21:16उसी दिन17:48

    • हर्षण

      उसी दिन17:48अगले दिन14:04

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • नाग

      उसी दिन06:52उसी दिन17:27

    • किंस्तुघ्न

      उसी दिन17:27अगले दिन03:57

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · गुरु

00061218शुभ · 07:15 – 08:33रोग · 08:33 – 09:52उद्वेग · 09:52 – 11:10चल · 11:10 – 12:28लाभ · 12:28 – 13:47अमृत · 13:47 – 15:05काल · 15:05 – 16:24शुभ · 16:24 – 17:42अमृत · 17:42 – 19:24चल · 19:24 – 21:05रोग · 21:05 – 22:47काल · 22:47 – 00:28लाभ · 00:28 – 02:10उद्वेग · 02:10 – 03:52शुभ · 03:52 – 05:33अमृत · 05:33 – 07:15शुभ · 07:15 – 08:33रोग · 08:33 – 09:52शून्य · 09:52 – 11:10लाभ · 11:10 – 12:28काल · 12:28 – 13:47चल · 13:47 – 15:05उद्योग · 15:05 – 16:24अमृत · 16:24 – 17:42लाभ · 17:42 – 19:24चल · 19:24 – 21:05शुभ · 21:05 – 22:47उद्योग · 22:47 – 00:28अमृत · 00:28 – 02:10शून्य · 02:10 – 03:52रोग · 03:52 – 05:33काल · 05:33 – 07:15ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20अभिजित मुहूर्त · 12:07 – 12:49अमृत काल · 13:14 – 14:42राहु काल · 13:47 – 15:05यमगण्ड काल · 07:15 – 08:33गुलिक काल · 09:52 – 11:10वर्ज्यम् · 04:27 – 05:55गुरु · 07:15 – 08:07मंगल · 08:07 – 08:59सूर्य · 08:59 – 09:52शुक्र · 09:52 – 10:44बुध · 10:44 – 11:36चंद्र · 11:36 – 12:28शनि · 12:28 – 13:21गुरु · 13:21 – 14:13मंगल · 14:13 – 15:05सूर्य · 15:05 – 15:58शुक्र · 15:58 – 16:50बुध · 16:50 – 17:42चंद्र · 17:42 – 18:50शनि · 18:50 – 19:58गुरु · 19:58 – 21:05मंगल · 21:05 – 22:13सूर्य · 22:13 – 23:21शुक्र · 23:21 – 00:28बुध · 00:28 – 01:36चंद्र · 01:36 – 02:44शनि · 02:44 – 03:52गुरु · 03:52 – 04:59मंगल · 04:59 – 06:07सूर्य · 06:07 – 07:15

11 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:52
11:10
12:28
13:47
15:05
16:24

रात के समय

8·1 घं 42 मि
17:42
19:24
21:05
22:47
00:28
02:10
03:52
05:33

दिन के समय

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:52
11:10
12:28
13:47
15:05
16:24

रात के समय

8·1 घं 42 मि
17:42
19:24
21:05
22:47
00:28
02:10
03:52
05:33
05:2606:20
12:0712:49
13:1414:42
13:4715:05
07:1508:33
09:5211:10
04:2705:55

दिन के घंटे

12·52 मि
07:15
08:07
08:59
09:52
10:44
11:36
12:28
13:21
14:13
15:05
15:58
16:50

रात के घंटे

12·1 घं 8 मि
17:42
18:50
19:58
21:05
22:13
23:21
00:28
01:36
02:44
03:52
04:59
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 जनवरी 2024 की तिथि क्या है?
11 जनवरी 2024 की तिथि अमावस्या है।
11 जनवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
11 जनवरी 2024 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग व्याघात है।
11 जनवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर तथा सूर्यास्त 17:42 पर होगा।
11 जनवरी 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:47–15:05 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।