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मंगलवार, 12 जनवरी 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज मंगलवार है। चतुर्थी तिथि 11:29 बजे तक, फिर पंचमी 13:02 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 20:13 बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 22:03 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 17:56 बजे तक, फिर वरीयान् योग 17:52 (कल) बजे तक। विष्टि करण 11:29 बजे तक, उसके बाद बव 00:19 (कल) बजे तक, फिर बालव 13:02 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:06 से 16:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन 09:28 उसी दिन 11:29

    • शुक्ल पंचमी

      उसी दिन 11:29 अगले दिन 13:02

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • पौष · माघ

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा

      पिछले दिन 17:52 उसी दिन 20:13

    • पूर्व भाद्रपदा

      उसी दिन 20:13 अगले दिन 22:03

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • व्यतीपात

      पिछले दिन 17:37 उसी दिन 17:56

    • वरीयान्

      उसी दिन 17:56 अगले दिन 17:52

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 22:32 उसी दिन 11:29

    • बव

      उसी दिन 11:29 अगले दिन 00:19

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 07:15 – 08:33 उद्वेग · 08:33 – 09:52 चल · 09:52 – 11:10 लाभ · 11:10 – 12:29 अमृत · 12:29 – 13:47 काल · 13:47 – 15:06 शुभ · 15:06 – 16:25 रोग · 16:25 – 17:43 लाभ · 17:43 – 19:25 उद्वेग · 19:25 – 21:06 शुभ · 21:06 – 22:47 अमृत · 22:47 – 00:29 चल · 00:29 – 02:10 रोग · 02:10 – 03:52 काल · 03:52 – 05:33 लाभ · 05:33 – 07:15 रोग · 07:15 – 08:33 काल · 08:33 – 09:52 लाभ · 09:52 – 11:10 उद्योग · 11:10 – 12:29 चल · 12:29 – 13:47 अमृत · 13:47 – 15:06 शून्य · 15:06 – 16:25 शुभ · 16:25 – 17:43 काल · 17:43 – 19:25 शून्य · 19:25 – 21:06 रोग · 21:06 – 22:47 लाभ · 22:47 – 00:29 अमृत · 00:29 – 02:10 उद्योग · 02:10 – 03:52 चल · 03:52 – 05:33 शुभ · 05:33 – 07:15 ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:21 अभिजित मुहूर्त · 12:08 – 12:50 अमृत काल · 12:19 – 14:04 राहु काल · 15:06 – 16:25 यमगण्ड काल · 09:52 – 11:10 गुलिक काल · 12:29 – 13:47 वर्ज्यम् · 01:46 – 03:32 मंगल · 07:15 – 08:07 सूर्य · 08:07 – 08:59 शुक्र · 08:59 – 09:52 बुध · 09:52 – 10:44 चंद्र · 10:44 – 11:37 शनि · 11:37 – 12:29 गुरु · 12:29 – 13:21 मंगल · 13:21 – 14:14 सूर्य · 14:14 – 15:06 शुक्र · 15:06 – 15:58 बुध · 15:58 – 16:51 चंद्र · 16:51 – 17:43 शनि · 17:43 – 18:51 गुरु · 18:51 – 19:58 मंगल · 19:58 – 21:06 सूर्य · 21:06 – 22:14 शुक्र · 22:14 – 23:21 बुध · 23:21 – 00:29 चंद्र · 00:29 – 01:37 शनि · 01:37 – 02:44 गुरु · 02:44 – 03:52 मंगल · 03:52 – 04:59 सूर्य · 04:59 – 06:07 शुक्र · 06:07 – 07:15

12 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:10
12:29
13:47
15:06
16:25

रात के समय

8 · 1 घं 41 मि
17:43
19:25
21:06
22:47
00:29
02:10
03:52
05:33

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:10
12:29
13:47
15:06
16:25

रात के समय

8 · 1 घं 41 मि
17:43
19:25
21:06
22:47
00:29
02:10
03:52
05:33
05:26 06:21
12:08 12:50
12:19 14:04
15:06 16:25
09:52 11:10
12:29 13:47
01:46 03:32

दिन के घंटे

12 · 52 मि
07:15
08:07
08:59
09:52
10:44
11:37
12:29
13:21
14:14
15:06
15:58
16:51

रात के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
17:43
18:51
19:58
21:06
22:14
23:21
00:29
01:37
02:44
03:52
04:59
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
12 जनवरी 2027 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
12 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
12 जनवरी 2027 का नक्षत्र शतभिषा और योग व्यतीपात है।
12 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर तथा सूर्यास्त 17:43 पर होगा।
12 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:06–16:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।