शुक्रवार, 22 जनवरी 2027
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। पूर्णिमा तिथि 17:47 बजे तक, फिर प्रतिपदा 14:12 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 10:24 बजे तक, उसके बाद पुष्य 07:30 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 13:49 बजे तक, फिर प्रीति योग 09:37 (कल) बजे तक। विष्टि करण 07:38 बजे तक, उसके बाद बव 17:47 बजे तक, फिर बालव 03:58 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:12 से 12:32) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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पूर्णिमा
पिछले दिन 21:30 उसी दिन 17:47
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कृष्ण प्रतिपदा
उसी दिन 17:47 अगले दिन 14:12
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
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शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
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माघ · फाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
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पुनर्वसु
पिछले दिन 13:23 उसी दिन 10:24
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पुष्य
उसी दिन 10:24 अगले दिन 07:30
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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विष्कुम्भ
पिछले दिन 18:07 उसी दिन 13:49
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प्रीति
उसी दिन 13:49 अगले दिन 09:37
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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विष्टि
पिछले दिन 21:30 उसी दिन 07:38
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बव
उसी दिन 07:38 उसी दिन 17:47
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बालव
उसी दिन 17:47 अगले दिन 03:58
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
पूर्णिमा · शुक्र
22 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 20 मि| 07:13 08:33 | ||
| 08:33 09:53 | ||
| 09:53 11:12 | ||
| 11:12 12:32 | ||
| 12:32 13:52 | ||
| 13:52 15:12 | ||
| 15:12 16:32 | ||
| 16:32 17:51 |
रात के समय
8 · 1 घं 40 मि| 17:51 19:32 | ||
| 19:32 21:12 | ||
| 21:12 22:52 | ||
| 22:52 00:32 | ||
| 00:32 02:12 | ||
| 02:12 03:52 | ||
| 03:52 05:33 | ||
| 05:33 07:13 |
दिन के समय
8 · 1 घं 20 मि| 07:13 08:33 | ||
| 08:33 09:53 | ||
| 09:53 11:12 | ||
| 11:12 12:32 | ||
| 12:32 13:52 | ||
| 13:52 15:12 | ||
| 15:12 16:32 | ||
| 16:32 17:51 |
रात के समय
8 · 1 घं 40 मि| 17:51 19:32 | ||
| 19:32 21:12 | ||
| 21:12 22:52 | ||
| 22:52 00:32 | ||
| 00:32 02:12 | ||
| 02:12 03:52 | ||
| 03:52 05:33 | ||
| 05:33 07:13 |
| 05:26 → 06:20 | ||
| 12:11 → 12:54 | ||
| 08:18 → 09:42 | ||
| 11:12 → 12:32 | ||
| 15:12 → 16:32 | ||
| 08:33 → 09:53 | ||
| 23:54 → 01:18 |
दिन के घंटे
12 · 53 मि| 07:13 08:06 | ||
| 08:06 09:00 | ||
| 09:00 09:53 | ||
| 09:53 10:46 | ||
| 10:46 11:39 | ||
| 11:39 12:32 | ||
| 12:32 13:25 | ||
| 13:25 14:19 | ||
| 14:19 15:12 | ||
| 15:12 16:05 | ||
| 16:05 16:58 | ||
| 16:58 17:51 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 7 मि| 17:51 18:58 | ||
| 18:58 20:05 | ||
| 20:05 21:12 | ||
| 21:12 22:18 | ||
| 22:18 23:25 | ||
| 23:25 00:32 | ||
| 00:32 01:39 | ||
| 01:39 02:46 | ||
| 02:46 03:52 | ||
| 03:52 04:59 | ||
| 04:59 06:06 | ||
| 06:06 07:13 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
- 22 जनवरी 2027 की तिथि पूर्णिमा है।
- 22 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 22 जनवरी 2027 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग विष्कुम्भ है।
- 22 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:13 पर तथा सूर्यास्त 17:51 पर होगा।
- 22 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 11:12–12:32 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।