मंगलवार, 23 जनवरी 2024
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। त्रयोदशी तिथि 20:39 बजे तक, फिर चतुर्दशी 21:50 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 06:26 (कल) बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 08:16 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 08:03 बजे तक, फिर वैधृति योग 07:38 (कल) बजे तक। कौलव करण 08:13 बजे तक, उसके बाद तैतिल 20:39 बजे तक, फिर गर 09:12 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:12 से 16:32) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल त्रयोदशी
पिछले दिन19:52उसी दिन20:39
शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन20:39अगले दिन21:50
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
आर्द्रा · पाद 1
उसी दिन04:58अगले दिन06:26
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
ऐन्द्र
पिछले दिन08:45उसी दिन08:03
वैधृति
उसी दिन08:03अगले दिन07:38
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
पिछले दिन19:52उसी दिन08:13
तैतिल
उसी दिन08:13उसी दिन20:39
गर
उसी दिन20:39अगले दिन09:12
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · मंगल
23 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 20 मि| 07:1308:33 | ||
| 08:3309:53 | ||
| 09:5311:13 | ||
| 11:1312:32 | ||
| 12:3213:52 | ||
| 13:5215:12 | ||
| 15:1216:32 | ||
| 16:3217:52 |
रात के समय
8·1 घं 40 मि| 17:5219:32 | ||
| 19:3221:12 | ||
| 21:1222:52 | ||
| 22:5200:32 | ||
| 00:3202:12 | ||
| 02:1203:52 | ||
| 03:5205:33 | ||
| 05:3307:13 |
दिन के समय
8·1 घं 20 मि| 07:1308:33 | ||
| 08:3309:53 | ||
| 09:5311:13 | ||
| 11:1312:32 | ||
| 12:3213:52 | ||
| 13:5215:12 | ||
| 15:1216:32 | ||
| 16:3217:52 |
रात के समय
8·1 घं 40 मि| 17:5219:32 | ||
| 19:3221:12 | ||
| 21:1222:52 | ||
| 22:5200:32 | ||
| 00:3202:12 | ||
| 02:1203:52 | ||
| 03:5205:33 | ||
| 05:3307:13 |
| 05:26→06:19 | ||
| 12:11→12:54 | ||
| 19:49→21:31 | ||
| 15:12→16:32 | ||
| 09:53→11:13 | ||
| 12:32→13:52 | ||
| 13:52→15:34 |
दिन के घंटे
12·53 मि| 07:1308:06 | ||
| 08:0608:59 | ||
| 08:5909:53 | ||
| 09:5310:46 | ||
| 10:4611:39 | ||
| 11:3912:32 | ||
| 12:3213:26 | ||
| 13:2614:19 | ||
| 14:1915:12 | ||
| 15:1216:05 | ||
| 16:0516:59 | ||
| 16:5917:52 |
रात के घंटे
12·1 घं 7 मि| 17:5218:59 | ||
| 18:5920:05 | ||
| 20:0521:12 | ||
| 21:1222:19 | ||
| 22:1923:26 | ||
| 23:2600:32 | ||
| 00:3201:39 | ||
| 01:3902:46 | ||
| 02:4603:52 | ||
| 03:5204:59 | ||
| 04:5906:06 | ||
| 06:0607:13 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 23 जनवरी 2024 की तिथि क्या है?
- 23 जनवरी 2024 की तिथि शुक्ल त्रयोदशी है।
- 23 जनवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 23 जनवरी 2024 का नक्षत्र आर्द्रा और योग ऐन्द्र है।
- 23 जनवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:13 पर तथा सूर्यास्त 17:52 पर होगा।
- 23 जनवरी 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:12–16:32 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

