शुक्रवार, 30 जनवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। द्वादशी तिथि 11:09 बजे तक, फिर त्रयोदशी 08:25 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 03:26 (कल) बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 01:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 16:57 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 13:32 (कल) बजे तक। बालव करण 11:09 बजे तक, उसके बाद कौलव 21:46 बजे तक, फिर तैतिल 08:25 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:13 से 12:34) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल द्वादशी
पिछले दिन13:55उसी दिन11:09
शुक्ल त्रयोदशी
उसी दिन11:09अगले दिन08:25
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
आर्द्रा · पाद 1
उसी दिन05:28अगले दिन03:26
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
वैधृति
पिछले दिन20:26उसी दिन16:57
विष्कुम्भ
उसी दिन16:57अगले दिन13:32
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन00:32उसी दिन11:09
कौलव
उसी दिन11:09उसी दिन21:46
तैतिल
उसी दिन21:46अगले दिन08:25
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल द्वादशी · शुक्र
30 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 21 मि| 07:1008:31 | ||
| 08:3109:52 | ||
| 09:5211:13 | ||
| 11:1312:34 | ||
| 12:3413:55 | ||
| 13:5515:16 | ||
| 15:1616:37 | ||
| 16:3717:58 |
रात के समय
8·1 घं 39 मि| 17:5819:37 | ||
| 19:3721:16 | ||
| 21:1622:55 | ||
| 22:5500:34 | ||
| 00:3402:13 | ||
| 02:1303:52 | ||
| 03:5205:30 | ||
| 05:3007:09 |
दिन के समय
8·1 घं 21 मि| 07:1008:31 | ||
| 08:3109:52 | ||
| 09:5211:13 | ||
| 11:1312:34 | ||
| 12:3413:55 | ||
| 13:5515:16 | ||
| 15:1616:37 | ||
| 16:3717:58 |
रात के समय
8·1 घं 39 मि| 17:5819:37 | ||
| 19:3721:16 | ||
| 21:1622:55 | ||
| 22:5500:34 | ||
| 00:3402:13 | ||
| 02:1303:52 | ||
| 03:5205:30 | ||
| 05:3007:09 |
| 05:24→06:17 | ||
| 12:12→12:56 | ||
| 18:17→19:45 | ||
| 11:13→12:34 | ||
| 15:16→16:37 | ||
| 08:31→09:52 | ||
| 13:10→14:38 |
दिन के घंटे
12·54 मि| 07:1008:04 | ||
| 08:0408:58 | ||
| 08:5809:52 | ||
| 09:5210:46 | ||
| 10:4611:40 | ||
| 11:4012:34 | ||
| 12:3413:28 | ||
| 13:2814:22 | ||
| 14:2215:16 | ||
| 15:1616:10 | ||
| 16:1017:04 | ||
| 17:0417:58 |
रात के घंटे
12·1 घं 6 मि| 17:5819:04 | ||
| 19:0420:10 | ||
| 20:1021:16 | ||
| 21:1622:22 | ||
| 22:2223:28 | ||
| 23:2800:34 | ||
| 00:3401:40 | ||
| 01:4002:46 | ||
| 02:4603:52 | ||
| 03:5204:58 | ||
| 04:5806:03 | ||
| 06:0307:09 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 30 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 30 जनवरी 2026 की तिथि शुक्ल द्वादशी है।
- 30 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 30 जनवरी 2026 का नक्षत्र आर्द्रा और योग वैधृति है।
- 30 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:10 पर तथा सूर्यास्त 17:58 पर होगा।
- 30 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 11:13–12:34 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

