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गुरुवार, 9 जनवरी 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है। दशमी तिथि 12:22 बजे तक, फिर एकादशी 10:20 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 15:06 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 13:45 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 17:28 बजे तक, फिर शुभ योग 14:35 (कल) बजे तक। गर करण 12:22 बजे तक, उसके बाद वणिज 23:21 बजे तक, फिर विष्टि 10:20 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:46 से 15:04) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल दशमी

      पिछले दिन14:26उसी दिन12:22

    • पुत्रदा एकादशी

      उसी दिन12:22अगले दिन10:20

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन16:29उसी दिन15:06

    • कृत्तिका

      उसी दिन15:06अगले दिन13:45

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      पिछले दिन20:22उसी दिन17:28

    • शुभ

      उसी दिन17:28अगले दिन14:35

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      उसी दिन01:24उसी दिन12:22

    • वणिज

      उसी दिन12:22उसी दिन23:21

    • विष्टि

      उसी दिन23:21अगले दिन10:20

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल दशमी · गुरु

00061218शुभ · 07:15 – 08:33रोग · 08:33 – 09:51उद्वेग · 09:51 – 11:10चल · 11:10 – 12:28लाभ · 12:28 – 13:46अमृत · 13:46 – 15:04काल · 15:04 – 16:23शुभ · 16:23 – 17:41अमृत · 17:41 – 19:23चल · 19:23 – 21:04रोग · 21:04 – 22:46काल · 22:46 – 00:28लाभ · 00:28 – 02:10उद्वेग · 02:10 – 03:51शुभ · 03:51 – 05:33अमृत · 05:33 – 07:15शुभ · 07:15 – 08:33रोग · 08:33 – 09:51शून्य · 09:51 – 11:10लाभ · 11:10 – 12:28काल · 12:28 – 13:46चल · 13:46 – 15:04उद्योग · 15:04 – 16:23अमृत · 16:23 – 17:41लाभ · 17:41 – 19:23चल · 19:23 – 21:04शुभ · 21:04 – 22:46उद्योग · 22:46 – 00:28अमृत · 00:28 – 02:10शून्य · 02:10 – 03:51रोग · 03:51 – 05:33काल · 05:33 – 07:15ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20अभिजित मुहूर्त · 12:07 – 12:49अमृत काल · 10:35 – 12:05राहु काल · 13:46 – 15:04यमगण्ड काल · 07:15 – 08:33गुलिक काल · 09:51 – 11:10वर्ज्यम् · 01:32 – 03:02गुरु · 07:15 – 08:07मंगल · 08:07 – 08:59सूर्य · 08:59 – 09:51शुक्र · 09:51 – 10:43बुध · 10:43 – 11:36चंद्र · 11:36 – 12:28शनि · 12:28 – 13:20गुरु · 13:20 – 14:12मंगल · 14:12 – 15:04सूर्य · 15:04 – 15:57शुक्र · 15:57 – 16:49बुध · 16:49 – 17:41चंद्र · 17:41 – 18:49शनि · 18:49 – 19:57गुरु · 19:57 – 21:04मंगल · 21:04 – 22:12सूर्य · 22:12 – 23:20शुक्र · 23:20 – 00:28बुध · 00:28 – 01:36चंद्र · 01:36 – 02:43शनि · 02:43 – 03:51गुरु · 03:51 – 04:59मंगल · 04:59 – 06:07सूर्य · 06:07 – 07:15

9 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:51
11:10
12:28
13:46
15:04
16:23

रात के समय

8·1 घं 42 मि
17:41
19:23
21:04
22:46
00:28
02:10
03:51
05:33

दिन के समय

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:51
11:10
12:28
13:46
15:04
16:23

रात के समय

8·1 घं 42 मि
17:41
19:23
21:04
22:46
00:28
02:10
03:51
05:33
05:2606:20
12:0712:49
10:3512:05
13:4615:04
07:1508:33
09:5111:10
01:3203:02

दिन के घंटे

12·52 मि
07:15
08:07
08:59
09:51
10:43
11:36
12:28
13:20
14:12
15:04
15:57
16:49

रात के घंटे

12·1 घं 8 मि
17:41
18:49
19:57
21:04
22:12
23:20
00:28
01:36
02:43
03:51
04:59
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 जनवरी 2025 की तिथि क्या है?
9 जनवरी 2025 की तिथि शुक्ल दशमी है।
9 जनवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
9 जनवरी 2025 का नक्षत्र भरणी और योग साध्य है।
9 जनवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर तथा सूर्यास्त 17:41 पर होगा।
9 जनवरी 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:46–15:04 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।