बुधवार, 1 जुलाई 2026
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। प्रतिपदा तिथि 07:38 बजे तक, फिर द्वितीया 09:38 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 06:52 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 09:28 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 16:05 बजे तक, फिर वैधृति योग 16:40 (कल) बजे तक। कौलव करण 07:38 बजे तक, उसके बाद तैतिल 20:40 बजे तक, फिर गर 09:38 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:24 से 14:09) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण प्रतिपदा
पिछले दिन 05:26 उसी दिन 07:38
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कृष्ण द्वितीया
उसी दिन 07:38 अगले दिन 09:38
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
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बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
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आषाढ़ · श्रावण
नक्षत्र · योग · करण
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पूर्व आषाढ़ा
पिछले दिन 04:04 उसी दिन 06:52
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उत्तर आषाढ़ा
उसी दिन 06:52 अगले दिन 09:28
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
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ऐन्द्र
पिछले दिन 15:20 उसी दिन 16:05
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वैधृति
उसी दिन 16:05 अगले दिन 16:40
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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कौलव
पिछले दिन 18:33 उसी दिन 07:38
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तैतिल
उसी दिन 07:38 उसी दिन 20:40
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गर
उसी दिन 20:40 अगले दिन 09:38
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
कृष्ण प्रतिपदा · बुध
1 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 45 मि| 05:26 07:11 | ||
| 07:11 08:55 | ||
| 08:55 10:40 | ||
| 10:40 12:24 | ||
| 12:24 14:09 | ||
| 14:09 15:54 | ||
| 15:54 17:38 | ||
| 17:38 19:23 |
रात के समय
8 · 1 घं 16 मि| 19:23 20:38 | ||
| 20:38 21:54 | ||
| 21:54 23:09 | ||
| 23:09 00:25 | ||
| 00:25 01:40 | ||
| 01:40 02:56 | ||
| 02:56 04:11 | ||
| 04:11 05:27 |
दिन के समय
8 · 1 घं 45 मि| 05:26 07:11 | ||
| 07:11 08:55 | ||
| 08:55 10:40 | ||
| 10:40 12:24 | ||
| 12:24 14:09 | ||
| 14:09 15:54 | ||
| 15:54 17:38 | ||
| 17:38 19:23 |
रात के समय
8 · 1 घं 16 मि| 19:23 20:38 | ||
| 20:38 21:54 | ||
| 21:54 23:09 | ||
| 23:09 00:25 | ||
| 00:25 01:40 | ||
| 01:40 02:56 | ||
| 02:56 04:11 | ||
| 04:11 05:27 |
| 04:06 → 04:46 | ||
| 01:30 → 03:17 | ||
| 12:24 → 14:09 | ||
| 07:11 → 08:55 | ||
| 10:40 → 12:24 | ||
| 14:47 → 16:34 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
- 1 जुलाई 2026 की तिथि कृष्ण प्रतिपदा है।
- 1 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 1 जुलाई 2026 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग ऐन्द्र है।
- 1 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर तथा सूर्यास्त 19:23 पर होगा।
- 1 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:24–14:09 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।