Skip to main content
Kundli GPT

बुधवार, 10 जुलाई 2024

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है। चतुर्थी तिथि 07:52 बजे तक, फिर पंचमी 10:04 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 10:14 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 13:03 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 03:08 (कल) बजे तक, फिर वरीयान् योग 04:08 (कल) बजे तक। विष्टि करण 07:52 बजे तक, उसके बाद बव 20:55 बजे तक, फिर बालव 10:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:26 से 14:10) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन 06:09 उसी दिन 07:52

    • शुक्ल पंचमी

      उसी दिन 07:52 अगले दिन 10:04

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • आषाढ़ · श्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 07:52 उसी दिन 10:14

    • पूर्व फाल्गुनी

      उसी दिन 10:14 अगले दिन 13:03

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • व्यतीपात

      उसी दिन 02:25 अगले दिन 03:08

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 18:56 उसी दिन 07:52

    • बव

      उसी दिन 07:52 उसी दिन 20:55

    • बालव

      उसी दिन 20:55 अगले दिन 10:04

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · बुध

00 06 12 18 लाभ · 05:30 – 07:14 अमृत · 07:14 – 08:58 काल · 08:58 – 10:42 शुभ · 10:42 – 12:26 रोग · 12:26 – 14:10 उद्वेग · 14:10 – 15:54 चल · 15:54 – 17:38 लाभ · 17:38 – 19:22 उद्वेग · 19:22 – 20:38 शुभ · 20:38 – 21:54 अमृत · 21:54 – 23:10 चल · 23:10 – 00:26 रोग · 00:26 – 01:42 काल · 01:42 – 02:59 लाभ · 02:59 – 04:15 उद्वेग · 04:15 – 05:31 लाभ · 05:30 – 07:14 शुभ · 07:14 – 08:58 अमृत · 08:58 – 10:42 चल · 10:42 – 12:26 उद्योग · 12:26 – 14:10 शून्य · 14:10 – 15:54 रोग · 15:54 – 17:38 काल · 17:38 – 19:22 शून्य · 19:22 – 20:38 रोग · 20:38 – 21:54 काल · 21:54 – 23:10 शुभ · 23:10 – 00:26 चल · 00:26 – 01:42 अमृत · 01:42 – 02:59 उद्योग · 02:59 – 04:15 लाभ · 04:15 – 05:31 ब्रह्म मुहूर्त · 04:09 – 04:50 अमृत काल · 07:36 – 09:22 राहु काल · 12:26 – 14:10 यमगण्ड काल · 07:14 – 08:58 गुलिक काल · 10:42 – 12:26 वर्ज्यम् · 21:03 – 22:49 बुध · 05:30 – 06:40 चंद्र · 06:40 – 07:49 शनि · 07:49 – 08:58 गुरु · 08:58 – 10:07 मंगल · 10:07 – 11:17 सूर्य · 11:17 – 12:26 शुक्र · 12:26 – 13:35 बुध · 13:35 – 14:45 चंद्र · 14:45 – 15:54 शनि · 15:54 – 17:03 गुरु · 17:03 – 18:12 मंगल · 18:12 – 19:22 सूर्य · 19:22 – 20:12 शुक्र · 20:12 – 21:03 बुध · 21:03 – 21:54 चंद्र · 21:54 – 22:45 शनि · 22:45 – 23:35 गुरु · 23:35 – 00:26 मंगल · 00:26 – 01:17 सूर्य · 01:17 – 02:08 शुक्र · 02:08 – 02:59 बुध · 02:59 – 03:49 चंद्र · 03:49 – 04:40 शनि · 04:40 – 05:31

10 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:30
07:14
08:58
10:42
12:26
14:10
15:54
17:38

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:42
02:59
04:15

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:30
07:14
08:58
10:42
12:26
14:10
15:54
17:38

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:42
02:59
04:15
04:09 04:50
07:36 09:22
12:26 14:10
07:14 08:58
10:42 12:26
21:03 22:49

दिन के घंटे

12 · 1 घं 9 मि
05:30
06:40
07:49
08:58
10:07
11:17
12:26
13:35
14:45
15:54
17:03
18:12

रात के घंटे

12 · 51 मि
19:22
20:12
21:03
21:54
22:45
23:35
00:26
01:17
02:08
02:59
03:49
04:40

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 जुलाई 2024 की तिथि क्या है?
10 जुलाई 2024 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
10 जुलाई 2024 का नक्षत्र क्या है?
10 जुलाई 2024 का नक्षत्र मघा और योग व्यतीपात है।
10 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:30 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
10 जुलाई 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:26–14:10 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।