शुक्रवार, 10 जुलाई 2026
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। दशमी तिथि 08:16 बजे तक, फिर एकादशी 05:23 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 13:14 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 11:03 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 07:13 बजे तक, फिर शूल योग 03:49 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:16 बजे तक, उसके बाद बव 18:53 बजे तक, फिर बालव 05:23 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:42 से 12:26) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण दशमी
पिछले दिन10:38उसी दिन08:16
योगिनी एकादशी
उसी दिन08:16अगले दिन05:23
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
भरणी
पिछले दिन14:55उसी दिन13:14
कृत्तिका
उसी दिन13:14अगले दिन11:03
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
धृति
पिछले दिन10:10उसी दिन07:13
शूल
उसी दिन07:13अगले दिन03:49
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
पिछले दिन21:31उसी दिन08:16
बव
उसी दिन08:16उसी दिन18:53
बालव
उसी दिन18:53अगले दिन05:23
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · शुक्र
10 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:3007:14 | ||
| 07:1408:58 | ||
| 08:5810:42 | ||
| 10:4212:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:26 | ||
| 00:2601:42 | ||
| 01:4202:58 | ||
| 02:5804:15 | ||
| 04:1505:31 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:3007:14 | ||
| 07:1408:58 | ||
| 08:5810:42 | ||
| 10:4212:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:26 | ||
| 00:2601:42 | ||
| 01:4202:58 | ||
| 02:5804:15 | ||
| 04:1505:31 |
| 04:09→04:50 | ||
| 11:58→12:54 | ||
| 08:46→10:16 | ||
| 10:42→12:26 | ||
| 15:54→17:38 | ||
| 07:14→08:58 | ||
| 23:51→01:20 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:3006:39 | ||
| 06:3907:49 | ||
| 07:4908:58 | ||
| 08:5810:07 | ||
| 10:0711:17 | ||
| 11:1712:26 | ||
| 12:2613:35 | ||
| 13:3514:45 | ||
| 14:4515:54 | ||
| 15:5417:03 | ||
| 17:0318:12 | ||
| 18:1219:22 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:2220:12 | ||
| 20:1221:03 | ||
| 21:0321:54 | ||
| 21:5422:45 | ||
| 22:4523:35 | ||
| 23:3500:26 | ||
| 00:2601:17 | ||
| 01:1702:08 | ||
| 02:0802:58 | ||
| 02:5803:49 | ||
| 03:4904:40 | ||
| 04:4005:31 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 10 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
- 10 जुलाई 2026 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 10 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 10 जुलाई 2026 का नक्षत्र भरणी और योग धृति है।
- 10 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:30 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
- 10 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:42–12:26 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

