बुधवार, 14 जुलाई 2027
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। एकादशी तिथि 13:10 बजे तक, फिर द्वादशी 14:40 (कल) बजे तक रहेगी। अनुराधा नक्षत्र 03:17 (कल) बजे तक, उसके बाद ज्येष्ठा 05:38 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुभ 12:47 बजे तक, फिर शुक्ल योग 13:01 (कल) बजे तक। विष्टि करण 13:10 बजे तक, उसके बाद बव 01:52 (कल) बजे तक, फिर बालव 14:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:26 से 14:10) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
देवशयनी एकादशी
पिछले दिन12:09उसी दिन13:10
शुक्ल द्वादशी
उसी दिन13:10अगले दिन14:40
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
अनुराधा · पाद 1
उसी दिन01:21अगले दिन03:17
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
शुभ
पिछले दिन12:56उसी दिन12:47
शुक्ल
उसी दिन12:47अगले दिन13:01
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
उसी दिन00:35उसी दिन13:10
बव
उसी दिन13:10अगले दिन01:52
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · बुध
14 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:3207:16 | ||
| 07:1608:59 | ||
| 08:5910:43 | ||
| 10:4312:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:37 | ||
| 17:3719:21 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2120:37 | ||
| 20:3721:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:43 | ||
| 01:4303:00 | ||
| 03:0004:16 | ||
| 04:1605:33 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:3207:16 | ||
| 07:1608:59 | ||
| 08:5910:43 | ||
| 10:4312:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:37 | ||
| 17:3719:21 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2120:37 | ||
| 20:3721:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:43 | ||
| 01:4303:00 | ||
| 03:0004:16 | ||
| 04:1605:33 |
| 04:11→04:51 | ||
| 16:03→17:46 | ||
| 12:26→14:10 | ||
| 07:16→08:59 | ||
| 10:43→12:26 | ||
| 05:40→07:24 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:3206:41 | ||
| 06:4107:50 | ||
| 07:5008:59 | ||
| 08:5910:08 | ||
| 10:0811:17 | ||
| 11:1712:26 | ||
| 12:2613:35 | ||
| 13:3514:45 | ||
| 14:4515:54 | ||
| 15:5417:03 | ||
| 17:0318:12 | ||
| 18:1219:21 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:2120:12 | ||
| 20:1221:03 | ||
| 21:0321:54 | ||
| 21:5422:45 | ||
| 22:4523:36 | ||
| 23:3600:27 | ||
| 00:2701:18 | ||
| 01:1802:09 | ||
| 02:0903:00 | ||
| 03:0003:51 | ||
| 03:5104:42 | ||
| 04:4205:33 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 14 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
- 14 जुलाई 2027 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 14 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 14 जुलाई 2027 का नक्षत्र अनुराधा और योग शुभ है।
- 14 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:32 पर तथा सूर्यास्त 19:21 पर होगा।
- 14 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:26–14:10 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

