शुक्रवार, 17 जुलाई 2026
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। तृतीया तिथि 06:28 बजे तक, फिर चतुर्थी 04:43 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 18:34 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 17:59 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 22:44 बजे तक, फिर वरीयान् योग 20:44 (कल) बजे तक। गर करण 06:28 बजे तक, उसके बाद वणिज 17:30 बजे तक, फिर विष्टि 04:43 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:43 से 12:27) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल तृतीया
पिछले दिन08:53उसी दिन06:28
शुक्ल चतुर्थी
उसी दिन06:28अगले दिन04:43
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
मघा
पिछले दिन19:51उसी दिन18:34
पूर्व फाल्गुनी
उसी दिन18:34अगले दिन17:59
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
व्यतीपात
उसी दिन01:21उसी दिन22:44
वरीयान्
उसी दिन22:44अगले दिन20:44
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
गर
पिछले दिन19:36उसी दिन06:28
वणिज
उसी दिन06:28उसी दिन17:30
विष्टि
उसी दिन17:30अगले दिन04:43
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल तृतीया · शुक्र
17 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:3407:17 | ||
| 07:1709:00 | ||
| 09:0010:43 | ||
| 10:4312:27 | ||
| 12:2714:10 | ||
| 14:1015:53 | ||
| 15:5317:36 | ||
| 17:3619:20 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:2020:37 | ||
| 20:3721:53 | ||
| 21:5323:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:44 | ||
| 01:4403:01 | ||
| 03:0104:17 | ||
| 04:1705:34 |
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:3407:17 | ||
| 07:1709:00 | ||
| 09:0010:43 | ||
| 10:4312:27 | ||
| 12:2714:10 | ||
| 14:1015:53 | ||
| 15:5317:36 | ||
| 17:3619:20 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:2020:37 | ||
| 20:3721:53 | ||
| 21:5323:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:44 | ||
| 01:4403:01 | ||
| 03:0104:17 | ||
| 04:1705:34 |
| 04:12→04:53 | ||
| 11:59→12:54 | ||
| 16:18→17:48 | ||
| 10:43→12:27 | ||
| 15:53→17:36 | ||
| 07:17→09:00 | ||
| 07:13→08:43 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:3406:43 | ||
| 06:4307:51 | ||
| 07:5109:00 | ||
| 09:0010:09 | ||
| 10:0911:18 | ||
| 11:1812:27 | ||
| 12:2713:36 | ||
| 13:3614:44 | ||
| 14:4415:53 | ||
| 15:5317:02 | ||
| 17:0218:11 | ||
| 18:1119:20 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:2020:11 | ||
| 20:1121:02 | ||
| 21:0221:53 | ||
| 21:5322:45 | ||
| 22:4523:36 | ||
| 23:3600:27 | ||
| 00:2701:18 | ||
| 01:1802:09 | ||
| 02:0903:01 | ||
| 03:0103:52 | ||
| 03:5204:43 | ||
| 04:4305:34 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 17 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
- 17 जुलाई 2026 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
- 17 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 17 जुलाई 2026 का नक्षत्र मघा और योग व्यतीपात है।
- 17 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:34 पर तथा सूर्यास्त 19:20 पर होगा।
- 17 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:43–12:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

