गुरुवार, 24 जुलाई 2025
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। अमावस्या तिथि 00:41 (कल) बजे तक, फिर प्रतिपदा 23:23 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 16:43 बजे तक, उसके बाद पुष्य 16:00 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग हर्षण 09:49 बजे तक, फिर वज्र योग 07:27 (कल) बजे तक। चतुष्पाद करण 13:31 बजे तक, उसके बाद नाग 00:41 (कल) बजे तक, फिर किंस्तुघ्न 11:58 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:09 से 15:52) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
अमावस्या
उसी दिन02:29अगले दिन00:41
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
पुनर्वसु
पिछले दिन17:53उसी दिन16:43
पुष्य
उसी दिन16:43अगले दिन16:00
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
हर्षण
पिछले दिन12:33उसी दिन09:49
वज्र
उसी दिन09:49अगले दिन07:27
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
चतुष्पाद
उसी दिन02:29उसी दिन13:31
नाग
उसी दिन13:31अगले दिन00:41
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
अमावस्या · गुरु
24 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 42 मि| 05:3807:20 | ||
| 07:2009:02 | ||
| 09:0210:45 | ||
| 10:4512:27 | ||
| 12:2714:09 | ||
| 14:0915:52 | ||
| 15:5217:34 | ||
| 17:3419:16 |
रात के समय
8·1 घं 18 मि| 19:1620:34 | ||
| 20:3421:52 | ||
| 21:5223:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:45 | ||
| 01:4503:03 | ||
| 03:0304:21 | ||
| 04:2105:38 |
दिन के समय
8·1 घं 42 मि| 05:3807:20 | ||
| 07:2009:02 | ||
| 09:0210:45 | ||
| 10:4512:27 | ||
| 12:2714:09 | ||
| 14:0915:52 | ||
| 15:5217:34 | ||
| 17:3419:16 |
रात के समय
8·1 घं 18 मि| 19:1620:34 | ||
| 20:3421:52 | ||
| 21:5223:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:45 | ||
| 01:4503:03 | ||
| 03:0304:21 | ||
| 04:2105:38 |
| 04:15→04:56 | ||
| 12:00→12:54 | ||
| 14:26→15:57 | ||
| 14:09→15:52 | ||
| 05:38→07:20 | ||
| 09:02→10:45 | ||
| 05:18→06:49 |
दिन के घंटे
12·1 घं 8 मि| 05:3806:46 | ||
| 06:4607:54 | ||
| 07:5409:02 | ||
| 09:0210:11 | ||
| 10:1111:19 | ||
| 11:1912:27 | ||
| 12:2713:35 | ||
| 13:3514:44 | ||
| 14:4415:52 | ||
| 15:5217:00 | ||
| 17:0018:08 | ||
| 18:0819:16 |
रात के घंटे
12·52 मि| 19:1620:08 | ||
| 20:0821:00 | ||
| 21:0021:52 | ||
| 21:5222:44 | ||
| 22:4423:36 | ||
| 23:3600:27 | ||
| 00:2701:19 | ||
| 01:1902:11 | ||
| 02:1103:03 | ||
| 03:0303:55 | ||
| 03:5504:46 | ||
| 04:4605:38 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 24 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
- 24 जुलाई 2025 की तिथि अमावस्या है।
- 24 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 24 जुलाई 2025 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग हर्षण है।
- 24 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:38 पर तथा सूर्यास्त 19:16 पर होगा।
- 24 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:09–15:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

