शनिवार, 3 जुलाई 2027
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। चतुर्दशी तिथि 12:06 बजे तक, फिर अमावस्या 08:31 (कल) बजे तक रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र 14:55 बजे तक, उसके बाद आर्द्रा 12:09 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 19:23 बजे तक, फिर ध्रुव योग 15:20 (कल) बजे तक। शकुनि करण 12:06 बजे तक, उसके बाद चतुष्पाद 22:20 बजे तक, फिर नाग 08:31 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:56 से 10:40) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन15:23उसी दिन12:06
अमावस्या
उसी दिन12:06अगले दिन08:31
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
मृगशिरा
पिछले दिन17:25उसी दिन14:55
आर्द्रा
उसी दिन14:55अगले दिन12:09
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
वृद्धि
पिछले दिन23:16उसी दिन19:23
ध्रुव
उसी दिन19:23अगले दिन15:20
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
शकुनि
उसी दिन01:47उसी दिन12:06
चतुष्पाद
उसी दिन12:06उसी दिन22:20
नाग
उसी दिन22:20अगले दिन08:31
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · शनि
3 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2707:11 | ||
| 07:1108:56 | ||
| 08:5610:40 | ||
| 10:4012:25 | ||
| 12:2514:09 | ||
| 14:0915:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:23 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2320:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:09 | ||
| 23:0900:25 | ||
| 00:2501:41 | ||
| 01:4102:56 | ||
| 02:5604:12 | ||
| 04:1205:27 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2707:11 | ||
| 07:1108:56 | ||
| 08:5610:40 | ||
| 10:4012:25 | ||
| 12:2514:09 | ||
| 14:0915:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:23 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2320:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:09 | ||
| 23:0900:25 | ||
| 00:2501:41 | ||
| 01:4102:56 | ||
| 02:5604:12 | ||
| 04:1205:27 |
| 04:06→04:47 | ||
| 11:57→12:53 | ||
| 07:02→08:28 | ||
| 08:56→10:40 | ||
| 14:09→15:54 | ||
| 05:27→07:11 | ||
| 22:26→23:52 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2706:37 | ||
| 06:3707:46 | ||
| 07:4608:56 | ||
| 08:5610:06 | ||
| 10:0611:15 | ||
| 11:1512:25 | ||
| 12:2513:34 | ||
| 13:3414:44 | ||
| 14:4415:54 | ||
| 15:5417:03 | ||
| 17:0318:13 | ||
| 18:1319:23 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:2320:13 | ||
| 20:1321:03 | ||
| 21:0321:54 | ||
| 21:5422:44 | ||
| 22:4423:35 | ||
| 23:3500:25 | ||
| 00:2501:15 | ||
| 01:1502:06 | ||
| 02:0602:56 | ||
| 02:5603:47 | ||
| 03:4704:37 | ||
| 04:3705:27 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 3 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
- 3 जुलाई 2027 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
- 3 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 3 जुलाई 2027 का नक्षत्र मृगशिरा और योग वृद्धि है।
- 3 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:27 पर तथा सूर्यास्त 19:23 पर होगा।
- 3 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:56–10:40 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

