बुधवार, 31 जुलाई 2024
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। एकादशी तिथि 15:56 बजे तक, फिर द्वादशी 15:29 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 10:12 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 10:23 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 14:12 बजे तक, फिर व्याघात योग 12:49 (कल) बजे तक। बालव करण 15:56 बजे तक, उसके बाद कौलव 03:39 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 15:29 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:27 से 14:08) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कामिका एकादशी
पिछले दिन16:45उसी दिन15:56
कृष्ण द्वादशी
उसी दिन15:56अगले दिन15:29
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
रोहिणी
पिछले दिन10:23उसी दिन10:12
मृगशिरा
उसी दिन10:12अगले दिन10:23
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
ध्रुव
पिछले दिन15:54उसी दिन14:12
व्याघात
उसी दिन14:12अगले दिन12:49
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
उसी दिन04:17उसी दिन15:56
कौलव
उसी दिन15:56अगले दिन03:39
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण एकादशी · बुध
31 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:4207:23 | ||
| 07:2309:04 | ||
| 09:0410:46 | ||
| 10:4612:27 | ||
| 12:2714:08 | ||
| 14:0815:49 | ||
| 15:4917:31 | ||
| 17:3119:12 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:1220:31 | ||
| 20:3121:50 | ||
| 21:5023:08 | ||
| 23:0800:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:05 | ||
| 03:0504:24 | ||
| 04:2405:42 |
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:4207:23 | ||
| 07:2309:04 | ||
| 09:0410:46 | ||
| 10:4612:27 | ||
| 12:2714:08 | ||
| 14:0815:49 | ||
| 15:4917:31 | ||
| 17:3119:12 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:1220:31 | ||
| 20:3121:50 | ||
| 21:5023:08 | ||
| 23:0800:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:05 | ||
| 03:0504:24 | ||
| 04:2405:42 |
| 04:18→05:00 | ||
| 07:01→08:37 | ||
| 12:27→14:08 | ||
| 07:23→09:04 | ||
| 10:46→12:27 | ||
| 02:15→03:51 |
दिन के घंटे
12·1 घं 8 मि| 05:4206:49 | ||
| 06:4907:57 | ||
| 07:5709:04 | ||
| 09:0410:12 | ||
| 10:1211:19 | ||
| 11:1912:27 | ||
| 12:2713:34 | ||
| 13:3414:42 | ||
| 14:4215:49 | ||
| 15:4916:57 | ||
| 16:5718:05 | ||
| 18:0519:12 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:1220:05 | ||
| 20:0520:57 | ||
| 20:5721:50 | ||
| 21:5022:42 | ||
| 22:4223:35 | ||
| 23:3500:27 | ||
| 00:2701:20 | ||
| 01:2002:12 | ||
| 02:1203:05 | ||
| 03:0503:57 | ||
| 03:5704:50 | ||
| 04:5005:42 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 31 जुलाई 2024 की तिथि क्या है?
- 31 जुलाई 2024 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
- 31 जुलाई 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 31 जुलाई 2024 का नक्षत्र रोहिणी और योग ध्रुव है।
- 31 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:42 पर तथा सूर्यास्त 19:12 पर होगा।
- 31 जुलाई 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:27–14:08 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

